सीटी विश्वविद्यालय के जगराओं परिसर में पंजाबी अभिनेता एवं लेखक राणा रणबीर की तरफ से लिखित और निर्देशित विशेष मंच नाटक बंदे बनो बंदे का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। सांस्कृतिक संध्या रंथाम ड्राइविंग अकादमी, सरे तथा हसल मोशन पिक्चर्स के सहयोग से आयोजित की गई। यह आयोजन सीटी विश्वविद्यालय की पच्चीसवीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ। इस अवसर पर लुधियाना की मेयर इंदरजीत कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शाम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब स्वर्गीय पंजाबी गायक राजवीर जवंदा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनकी माता और बहन की उपस्थिति ने दर्शकों और कलाकारों को भावुक कर दिया। यह श्रद्धांजलि उनके कला योगदान और अमर स्मृतियों को सम्मान देने का प्रतीक बनी। नाटक बंदे बनो बंदे ने समाज को एक सशक्त संदेश दिया। यह नाटक मानवीय मूल्यों के विकास पर विचार करने और स्वयं को एक बेहतर इंसान बनाने की प्रेरणा देता है। राणा रणबीर की प्रभावशाली कहानी और प्रस्तुति ने विशेष रूप से युवा दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। इस अवसर पर सीटी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशक, इंजीनियर दविंदर सिंह ने कहा, हमें अपने पच्चीसवें स्थापना वर्ष में इस तरह के सार्थक नाटक की मेजबानी करने पर अत्यंत गर्व है। सीटी विश्वविद्यालय में हमारा मानना है कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती। कला और संस्कृति जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस नाटक के लेखक एवं निर्देशक राणा रणबीर ने कहा,मैं विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे अपने परिसर में बंदे बनो बंदे प्रस्तुत करने का अवसर दिया। यह नाटक मेरे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि यह इंसान को बेहतर बनने की राह दिखाता है।


