गुना में खाद के लिए हुई महिला किसान की मौत के बाद केंद्रों पर अफरा-तफरी मची थी। किसानों की लंबी कतारों और जद्दोजहद के बीच शुक्रवार सुबह कलेक्टर किशोर कन्याल ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने माइक लेकर व्यवस्था संभाली और किसानों को आश्वस्त किया कि खाद पर्याप्त है और सभी को मिलेगी। इस दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक किसान को 10-10 बोरी खाद देने की घोषणा की। खाद के एक-एक कट्टे के लिए हो रही जद्दोजहद के बीच कलेक्टर कन्याल ने किसानों से सीधे बात की। उन्होंने कहा, “भैया…जिसकी पर्ची कट गई है उसे दस बोरी खाद मिलेगी।” इसके साथ उन्होंने किसानों से अपील की कि रात को कोई लाइन में नहीं रुके। कल सुबह 7 बजे से टोकन बांटे जाएंगे और शाम 6 बजे तक खाद वितरण जारी रहेगा। बुजुर्गों की सुरक्षा और युवाओं को समझाइश कलेक्टर ने बुजुर्गों को लाइन में खड़ा करने पर नाराजगी जताई और युवाओं को बुजुर्गों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आप लोग जवान हैं। किसी दादा-दादी, नाना-नानी को लेकर मत आना। कल मैंने एक जवान युवक को दादा को लाइन में लगाने पर बहुत डांटा। यह अच्छी बात नहीं है। वितरण व्यवस्था में सुधार के निर्देश कलेक्टर ने मौके पर प्रबंधक से काउंटरों की जानकारी ली। प्रबंधक ने बताया कि दो सामान्य और एक विकलांग काउंटर हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विकलांग काउंटर से भी सामान्य वितरण किया जाए और कोई दिव्यांग किसान आए तो उसे पहले खाद दी जाए। कलेक्टर ने लाइन में लगी महिला किसानों से उनकी जमीन और किसी और के लिए लाइन में तो नहीं लगी यह भी पूछा। उनके सीधे संवाद और त्वरित कार्रवाई से किसानों में संतोष देखा गया। मारकीमहू से 55 किमी दूर रात 3 बजे खाद लेने आए किसान दीपक यादव ने कहा, “पहले पांच कट्टे मिल रहे थे, अब कलेक्टर साहब 10 कट्टे देने के आदेश दे गए हैं।
महिला की मौत के बाद बढ़ा था विवाद बता दें कि बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात खाद के लिए लाइन में लगी महिला किसान भूरी बाई की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। स्वयं गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने एक कार्यक्रम में कलेक्टर को घेरते हुए उनसे खाद के लिए लंबी लाइनें लगने और महिला की मौत पर जवाब मांगा था। विधायक शाक्य ने कहा था कि जवाब वह कलेक्टर साहब से विधानसभा में लेंगे, अगर यहां नहीं मिला तो। इस घटनाक्रम के बाद कलेक्टर का खुद मैदान में उतरकर व्यवस्था संभालना और किसानों को खाद की पर्याप्तता और सुगम वितरण का आश्वासन देना एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उनकी घोषणा और अपील से जहां एक ओर किसानों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर चल रही खींचतान पर भी विराम लगा है। अब किसान उम्मीद कर रहे हैं कि खाद वितरण की यह सुधरी हुई व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।


