भिंड न्यायालय के सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने किशोरी को अगवा करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास सुनाया। न्यायालय ने आरोपी पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। यह निर्णय शनिवार की शाम को सुनाया गया। घटना 23 अप्रैल 2022 को थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र की है। पीड़िता के बाबा ने अपनी पौत्री के अचानक लापता होने और किसी के द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 145/22 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 363 में मामला पंजीबद्ध किया। पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी जांच के दौरान पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे पवन सिंह उर्फ कल्लू तोमर बहला-फुसलाकर ले गया था। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और पूरे मामले की विवेचना के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में साक्ष्य की जांच और विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कुल छह साक्षियों के बयान दर्ज कराए। संपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। सजा का फैसला न्यायालय ने आरोपी पवन सिंह उर्फ कल्लू तोमर पुत्र किशन सिंह तोमर, निवासी गोविंद नगर, भिंड को धारा 363 के तहत दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और ₹15,000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष का पक्ष मामले में अभियोजन की ओर से यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा किया, जिससे परिवार को मानसिक और सामाजिक परेशानियां झेलनी पड़ीं। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों को आधार मानते हुए सजा सुनाई।


