झालावाड़ में नाबालिग से छेड़छाड़ के एक मामले में पॉक्सो कोर्ट-1 ने आरोपी को 3 साल के कठोर कारावास और 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि आरोपी को छेड़छाड़ के मामले में दोषी पाया गया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह दंड दिया। घटना 2 जून 2025 को हुई थी। पीड़िता ने अपने माता-पिता के साथ थाना रायपुर में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय पीड़िता घर पर अकेली थी, जबकि उसके माता-पिता गांव में खजूर काटने गए हुए थे। इसी दौरान, पड़ोसी आरोपी घर के अंदर आया और पानी भरने के बहाने पाइप खोलने लगा। पीड़िता उस समय घर के अंदर गाय के बछड़े को पानी पिला रही थी। तभी आरोपी ने पीछे से पीड़िता का हाथ पकड़कर उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने तुरंत अपने माता-पिता को फोन पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने को आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान, विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने राज्य सरकार की ओर से 7 गवाह और 13 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।


