अलवर के विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो संख्या-4 की न्यायधीश हिंमाकनी गौड़ ने इलाज व भूत भगाने के नाम पर नाबालिग से छेड़छाड़ करने के मामले में दो तांत्रिकों को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों तांत्रिक पहले घर आए फिर 10 हजार लेकर मंत्र पड़ने लग गए थे। बाद में मां बेटी के कपड़े उतरवा दिए और छेड़छाड़ करने लगे थे कभी जादू से सांप दिखा देते तो कभी सफेद पाउडर को लाल बना देते और उसी पाउडर को नाबालिग व उसकी मां के शरीर पर लगाने लगते। तंत्र-मंत्र से इलाज विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 12 जुलाई 2023 को बानसूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि 10 जुलाई को उसकी पत्नी के हाथ-पांव में दर्द की वजह से दोनों तांत्रिक इलाज करने के बहाने उनके घर आए थे। तंत्र-मंत्र की विधा से इलाज बताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार पर भूत-प्रेत का साया है। उसी रात आरोपियों ने कथित इलाज के दौरान महिला और उसकी नाबालिग बेटी के कपड़े उतरवाकर छेड़छाड़ की। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान अधिकारी सीओ बानसूर सुनील कुमार ने जांच कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों को परीक्षित किया और 20 दस्तावेज पेश किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


