राजगढ़ (नरसिंहगढ़)। नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में नरसिंहगढ़ तहसील न्यायालय ने कड़ा और अहम फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अशोक भारद्वाज ने सत्र प्रकरण क्रमांक 183/2021 में 25 वर्षीय आरोपी दीपक साहू को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 1000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने आरोपी पर उस समय दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मामले दर्ज हुआ था। जिसे अदालत ने सही पाया। अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि आरोपी ने नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म किया। प्रकरण के अनुसार, घटना से एक साल पहले पीड़िता की पहचान आरोपी से उस समय हुई थी, जब वह स्कूल जाया करती थी। आरोपी ने पीड़िता का मोबाइल नंबर हासिल कर उससे बातचीत शुरू की और बाद में उसे बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया। घर में किसी सदस्य के मौजूद न होने का फायदा उठाकर आरोपी ने पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। फैसले में न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध समाज के लिए अत्यंत घातक हैं और ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कठोर दंड से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। इस मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनोज मिंज ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों की सुरक्षा और अपराधियों को सख्त संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


