रायपुर रेलवे स्टेशन पर OHE (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) ब्रेकडाउन के कारण यातायात बाधित हुआ है। इससे 4 ट्रेनें भगत की कोठी, लिंक एक्सप्रेस, नौतनवा और एक पैसेंजर ट्रेन प्रभावित हुईं और घंटों तक स्टेशन पर खड़ी हैं। स्टेशन पर अंधेरा होने के कारण यात्री काफी परेशान हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते इलेक्ट्रिक लाइन बाधित हुई, जिससे हावड़ा–मुंबई मार्ग पर परिचालन प्रभावित हुआ। समस्या को जल्द ठीक करने के लिए तकनीकी टीम मौके पर कार्य कर रही है। यात्रियों से रेलवे प्रशासन ने धैर्य रखने की अपील की है। OHE ब्रेकडाउन ठीक करने में कितना समय लगता है ? मामूली खराबी: 30 मिनट से 1 घंटा बड़ा ब्रेक या तार टूटना: 2 से 4 घंटे या उससे ज्यादा रेलवे की TRD (Traction Distribution) टीम मौके पर पहुंचकर बिजली सप्लाई बंद कर मरम्मत करती है। समझिए क्यों OHE ब्रेकडाउन बड़ी समस्या है ? भारत में 90% से ज्यादा ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से चलती हैं। ऐसे में OHE ब्रेकडाउन सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि पूरे रेल नेटवर्क की रफ्तार पर ब्रेक होता है। OHE ब्रेकडाउन का सीधा इम्पैक्ट क्या होता है ? कैसे होता है OHE ब्रेकडाउन ? OHE ब्रेक होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। जैसे तेज आंधी, बारिश या तूफान। तार का टूटना या ढीला हो जाना। पैंटोग्राफ से टकराव। तकनीकी खराबी या ओवरलोड। निर्माण कार्य या बाहरी वस्तु का टकराना। कभी-कभी एक ट्रेन की खराबी भी पीछे की कई ट्रेनों को रोक देती है। OHE (Over Head Equipment) यानी रेलवे ट्रैक के ऊपर लगी वह बिजली आपूर्ति प्रणाली, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलती हैं। OHE में शामिल होते हैं ऊपर लगी हाई-वोल्टेज तार (25,000 वोल्ट AC), पोल और मास्ट, इंसुलेटर, ड्रॉपर और केंटेनरी वायर। जब ट्रेन का पैंटोग्राफ (ऊपर लगा करंट कलेक्टर) इस तार से संपर्क में आता है, तब इंजन को बिजली मिलती है और ट्रेन चलती है।


