5 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के छह साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सोमवार को दोषी युवक को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। साथ ही इसे बेहद गंभीर घटना बताते हुए न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने इस हत्या के दोषी युवक की पड़ोसी मीना के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट में सामने आया कि पड़ोसी लड़की दोषी युवक को अश्लील फिल्म दिखाती थी। इससे वह इस अपराध को अंजाम दिया था। घटना के समय दोषी नाबालिग (17 वर्ष का) था। दोषी युवक पर 1 लाख 10 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पॉक्सो कोर्ट के APP राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि नाबालिग पीड़िता के पिता ने 12 जनवरी 2019 को पुलिस थाना निवाई सदर में रिपोर्ट दी थी। उसमें बताया कि फरियादी की 5-6 साल की बेटी घर पर ही खेल रही थी। शाम करीब 4.30 बजे से वह नजर नहीं आई। उसके बाद उसे तलाशा गया, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। फिर 13 जनवरी 2019 को गुमशुदा नाबालिग पीड़िता की लाश गांव के सार्वजनिक तालाब के पास एक सरसों के खेत में अर्द्धनग्न हालात में मिली। पीड़िता के गले में उसी के पजामे का फंदा लगा हुआ था। जांच के दौरान अभियुक्त बाल अपचारी था और निवाई सदर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने जांच में तत्कालीन बाल अपचारी को दोषी माना। उसने ही मासूम से दुष्कर्म कर उसकी हत्या की थी। ऐसे में पुलिस ने उसके खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड टोंक में चालान पेश किया। कुछ माह बाद बाल अपचारी व्यस्क होने पर इस केस को 9 अप्रेल 2024 को पोक्सो कोर्ट टोंक में ट्रांसफर कर दिया गया। आज इस केस में निर्णय सुनाते हुए न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ एक लाख 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा विशिष्ठ न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने निर्णय पर टिप्पणी देते हुए कहा कि बाल अपचारी के पड़ोस में रहने वाली मीना उसे अश्लील वीडियो आदि दिखाती थी। इसके चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया है। ऐसे में मीना के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।


