शहडोल जिले के बुढ़ार स्थित विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी महेंद्र महरा को दोषी करार देते हुए 20 साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, पीड़ित बच्ची के भविष्य और मानसिक आघात को देखते हुए उसे 4 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर ब्लैकमेलिंग यह पूरा मामला जनवरी 2023 का है। आरोपी महेंद्र महरा ने सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़की से दोस्ती की थी। दोस्ती के बाद उसने पीड़िता की कुछ अश्लील तस्वीरें हासिल कर लीं और उन्हें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगा। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने लड़की के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और उसे लगातार प्रताड़ित करता रहा। परेशान होकर पीड़िता ने बुढ़ार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाए और कोर्ट में चार्जशीट पेश की। कोर्ट का कड़ा रुख: 20 साल जेल और भारी जुर्माना मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने आरोपी को सभी आरोपों में दोषी पाया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की सजा के साथ-साथ आईटी एक्ट में भी 3 साल की अतिरिक्त सजा और जुर्माना लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले का मकसद समाज में यह संदेश देना है कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


