नावा में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एक महिला श्रमिक की मौत के मामले में तय की गई मुआवजा राशि का भुगतान न करने पर माननीय न्यायालय ने नगर पालिका के सेफ्टी टैंक वाहन को कुर्क करने का आदेश जारी किया। इस आदेश की पालना में कोर्ट नाजिर और न्यायालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन को जब्त कर लिया। यह कदम तब उठाया गया जब बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद पालिका प्रशासन ने पीड़ित परिवार को राहत राशि देने में लापरवाही बरती।
श्रमिक की मौत के बाद शुरू हुई थी कानूनी लड़ाई यह पूरा मामला मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य के दौरान हुई एक दुर्घटना से जुड़ा है। नवंबर 2022 में मोक्षधाम परिसर में काम करते समय छज्जा गिरने से श्रमिक शांति देवी की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के परिजनों ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। लंबी सुनवाई के बाद जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने अगस्त 2025 में नगर पालिका को आदेश दिया था कि वह पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करे, लेकिन पालिका अधिकारियों ने इस आदेश को गंभीरता से नहीं लिया।
अंतिम चेतावनी के बाद अब नीलामी की तैयारी नगर पालिका की ओर से भुगतान में देरी और आदेश की अवहेलना पर न्यायाधीश धर्मेंद्र जाखड़ ने नाराजगी जाहिर करते हुए वाहन कुर्की के निर्देश दिए। अधिवक्ता के अनुसार, न्यायालय ने अब नगर पालिका को 2 फरवरी तक का अंतिम समय दिया है। यदि इस तारीख तक 11 लाख 36 हजार रुपये की बकाया राशि ब्याज सहित जमा नहीं कराई जाती है, तो कुर्क किए गए वाहन की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी। इस नीलामी से प्राप्त राशि के जरिए पीड़ित परिवार के मुआवजे की भरपाई की जाएगी।
अब निगाहें 2 फरवरी पर अदालत की इस कार्रवाई ने विभाग को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे न्यायिक आदेशों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। इस फैसले से जहां पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। अब सभी की निगाहें 2 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या नगर पालिका प्रशासन समय पर भुगतान कर नीलामी की नौबत को रोकता है या नहीं।


