गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की डिमांड बढ़ी है। नगर निगम की ओएंडएम सेल ने पानी वेस्ट करने पर पांच हजार तक जुर्माना लगाने के निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम क्षेत्र के 95 वार्डों में 2.78 लाख पानी कनेक्शन हैं जिन्हें 1200 ट्यूबवेलों से पेयजल की आपूर्ति जाती है। हर साल आबादी बढ़ने के साथ ही लगातार पानी की मांग में इजाफा हुआ है। हर साल तीस से चालीस ट्यूबवेल का ग्राउंड वाटर लेवल कम हो रहा है। शहर में रोजाना पानी की डिमांड 373 एमएलडी है। गर्मी बढ़ने पर पानी की डिमांड इस साल करीब 30 से 40 एमएलडी बढ़ी है। ऐसे में नगर निगम की ओएंडएम सेल ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पहली बार पकड़े जाने पर एक हजार का चालान होगा। दूसरी बार आदेशों का उल्लंघन करने पर 3 हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर 5 हजार का चालान होगा। इसके अलावा पानी का कनेक्शन काटने के भी निर्देश दिए हैं। निगम की ओर से हर बार सख्ती को लेकर निर्देश तो जारी किए जाते हैं लेकिन एक्शन नहीं होता।अधिकारियों की ओर से चेकिंग के दावे किए जाते हैं लेकिन पानी की बर्बादी नहीं रुक पाती। शहर में कार वॉशिंग पाइप लगाकर की जाती है जिसमें हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। पाइपलाइन में रिसाव के कारण पानी बर्बाद होता है।


