भास्कर एक्सक्लूिसव चास नगर निगम होल्डिंग टैक्स वसूली में सख्ती लाएगा। इसके लिए 30 जून के बाद विशेष अभियान चलाया जाएगा। निगम बड़े बकाएदारों को नोटिस भेज चुका है। इसके बाद भी अगर बकाएदार होल्डिंग टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सूत्र बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक नगर निगम ने 17 प्रतिशत टैक्स वसूली की है। हालांकि नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए करीब 200 करोड़ का टारगेट तय किया है, जिसमें होल्डिंग टैक्स वसूली भी शामिल है। अभी होल्डिंग टैक्स की वसूली में कमी देखी गई है, जिससे निगम ने सख्ती से वसूली करने का फैसला लिया है। नगर निगम ने पिछले माह ऐसे 300 बिल्डिंग जिसने परमिशन के लिए भुगतान की गई लेबर कैश राशि की सिक्यूरिटी जमा करने में डिफॉल्टर हैं को नोटिस दिया है कि मई महीने तक बकाया राशि भुगतान करें। अपर नगर आयुक्त के अनुसार ऐसे बिल्डिंग की सूची बनाई जा रही है, जिसने नोटिस के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। ऐसे डिफॉल्टर का भवन नक्शा अनुमोदन रद्द कर दिया जाएगा। एक कर्मी का प्रतिदिन 20 हजार वसूली का लक्ष्य नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स वसूली में संजीदगी बरते हुए सभी वसूलीकर्ता को प्रतिदिन 20 हजार रुपए वसूलने का लक्ष्य दिया है। कहा है कि हाल के समय में होल्डिंग टैक्स वसूली में कमी आई है। इसके लिए 30 जून के बाद होल्डिंग टैक्स की सख्ती से वसूली की जाएगी। वहीं कहा गया है कि होल्डिंग टैक्स जमा नहीं करने वालों को सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा। इसमें जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली, पानी आदि शामिल हैं। ऐसे आवास और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सूची बनाई जा रही है, जो होल्डिंग टैक्स देने में आनाकानी कर रहे हैं। एएमसी ने बताया कि जारी सभी होल्डिंग नंबरों पर जांच करते हुए वसूली करने का लक्ष्य है। स्लम एरिया में 10 करोड़ रुपए खर्च करेगा निगम निगम ने शहरी स्लम इलाकों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है। जिसमें सड़क, नाली, पार्क, खेल का मैदान, सीवरेज ड्रेनेज सिस्टम, तालाब-नदी का संरक्षण समेत साफ-सफाई मद में खर्च किया जाएगा। स्लम एरिया में बेहतर काम नहीं होने को लेकर इस बार निगम प्रशासन ने स्लम एरिया की स्थिति सुधारने के लिए खास प्लान किया है। अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार ने बताया कि चास नगर निगम योजनाबद्ध और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए भवन निर्माण व विकास में झारखंड भवन उपविधि-2016 का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इसके तहत चास नगर निगम वर्ष 2017 से बीपीएएमएस के माध्यम से भवन निर्माण का नक्शा पास करते आ रहा है। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र में भवन निर्माण के आवेदनकर्ता बिल्डिंग परमिशन फीस तथा लेबर कैश की राशि भुगतान कर चास नगर निगम से भवन निर्माण का नक्शा प्राप्त कर सकते हैं। बताया कि आवेदनकर्ता की सुविधा के लिए लेबर कैश की राशि का भुगतान अगले दो वर्षों में पोस्ट डेट चेक के माध्यम से देने का विकल्प दिया गया है। बताया कि पिछले आठ वर्ष में निगम की ओर से दिए बिल्डिंग परमिशन के लिए भुगतान की गई लेबर कैश राशि की सिक्यूरिटी में लगभग 300 डिफॉल्टर का मामला सामने आया है। कड़ाई से नियमों का पालन करवाया जाएगा : संजीव


