निगम की सुस्त चाल:कागजों में 9 लाइब्रेरी, 10 महीने में एक भी नहीं बनी, कोलार की सिर्फ फर्नीचर के कारण अटकी

नगर निगम की सुस्त चाल की वजह से 9 लाइब्रेरी का निर्माण कार्य 10 महीने में भी पूरा नहीं हो पाया है। अभी शहर में निगम की 6 लाइब्रेरी हैं, जिनमें रोजाना 800 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं। इन लाइब्रेरी की फीस महज 50 रुपए प्रतिमाह है, और 27,514 किताबें हैं, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा इन लाइब्रेरी को अधिक पसंद करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए महापौर मालती राय ने एमपी नगर जोन टू में रैन बसेरा के ऊपर लाइब्रेरी बनाने के निर्देश दिए थे। योजना थी कि शहर में 15 लाइब्रेरी बनानी हैं। हद तो यह है कि कोलार की लाइब्रेरी महीनों से बनकर तैयार है, लेकिन इसे शुरू नहीं किया जा रहा है। एमपी नगर जोन टू में रैन बसेरा के ऊपर बनने वाली लाइब्रेरी की टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है। निगम की लाइब्रेरियों का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक दो पालियों में किया जाता है। यहां वाईफाई, कंप्यूटर, वाटर कूलर आदि की सुविधा है। अभी फतेहगढ़, शिवाजी नगर, सोनागिरी आदि में लाइब्रेरी चल रही हैं। नई लाइब्रेरी करोंद, त्रिलंगा, नेहरू नगर, साकेत नगर, रोहित नगर, बर्रई, बैरागढ़, प्रभात चौराहा आदि इलाकों में बनाई जानी थीं। कोलार में मार्च से तैयार है लाइब्रेरी…
कोलार के बंजारी मैदान में लाइब्रेरी मार्च में बनकर तैयार हो गई थी। यहां 150 छात्र पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन, ये शुरू नहीं हो पाई है। यहां जो फर्नीचर लाया गया था उसकी क्वालिटी ठीक नहीं थी। इसे वापस किया गया। लेकिन, तीन महीने में दूसरा फर्नीचर नहीं आ पाया है। लाइब्रेरी की संख्या बढ़ाई जा रही है। नई लाइब्रेरियों के निर्माण के लिए टेंडर लगाए गए हैं। कोलार की लाइब्रेरी के फर्नीचर की क्वालिटी ठीक नहीं थी, मैंने बदलवाया है। इसे जल्द शुरू कराया जाएगा।
-हरेंद्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम

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