सिटी सेंटर स्थित नगर निगम मुख्यालय में लगी आग में साजिश की बू निगम के जानकारों को महसूस हो रही है। शनिवार को निगम मुख्यालय में जांच समिति के सामने संबल और जनकल्याण शाखा के स्टाफ के बयान दर्ज किए। अग्निकांड के दौरान घटना स्थल पर एक टायर भी जला मिला था। उसको जांच समिति के सदस्यों ने गंभीरता से लिया है। स्टाफ के बयानों में टाइम को लेकर विरोधाभास सामने आया है। इधर जांच के चलते संबल शाखा के स्टाफ ने पानी से गीले हुए कागजों को सुखाने का काम किया। उन्हें निगम मुख्यालय के कैंपस के गार्डन में ले जाकर रखा गया। आग की घटना के बाद आयुक्त अमन वैष्णव ने एक जांच समिति बनाई थी। समिति के अध्यक्ष अपर आयुक्त विजय राज, अपर आयुक्त मुनीष सिकरवार और सदस्य मुख्यालय में पहुंचे। उनके समक्ष संबल शाखा के नोडल अधिकारी विजय कुमार बरुआ, कर्मचारी हीरा यादव, कोमल पाल, संदीप शर्मा, नीलम शर्मा के साथ ही आग लगने की सूचना देने वाले जनकल्याण शाखा के नीरज श्रीवास्तव ने लिखित में बयान दर्ज किए। गौरतलब है कि आग की घटना में डे-एनयूएलएम और संबल संबंधी रिकार्ड जला है। हीरा का तबादला लेकिन रिलीव क्यों नहीं: जनकल्याण विभाग से हीरा यादव का तबादला पिछले साल 19 दिसंबर को आयुक्त अमन वैष्णव ने उपनेता सत्तापक्ष के कक्ष परिषद में लिपिकीय एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्य के लिए किया था। अभी तक उक्त महिला कर्मचारी को रिलीव नहीं करना भी संशय पैदा कर रहा है। संशय: संबल शाखा का गेट दोपहर जब 3:10 बजे लगाया गया तो इसी टाइम आग कैसे लगी संबल शाखा में पदस्थ कर्मचारी संदीप शर्मा ने बयान में बताया कि शाखा का गेट दोपहर 3:10 बजे के आसपास लगाकर श्रम शाखा में गया था। वहीं आग की सूचना अधीक्षण यंत्री डॉ.अतिबल सिंह यादव को देने वाले जनकल्याण शाखा के नीरज श्रीवास्तव ने दोपहर 3:10 बजे का समय बताया है। इसको लेकर ही विरोधाभास है क्योंकि आग की सूचना 3:10 बजे दी गई। इसका मतलब है कि आग पहले लग चुकी थी और उस वक्त धुआं बाहर आने लगा था।


