निगम में भर्ती घोटाले की जांच शुरू, 4 सदस्यीय कमेटी गठित, बयान दर्ज

भास्कर न्यूज|लुधियाना नगर निगम में कथित भर्ती घपले की जांच शुरू हो गई है। लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के डायरेक्टर के निर्देश पर निगम कमिश्नर के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। डायरेक्टर ने शिकायतकर्ता से दस्तावेज और कार्रवाई संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराने को निर्देशित किया है। टीम ने वाल्मीकि सेवक संघ के प्रधान के बयान दर्ज किए हैं। वाल्मीकि सेवक संघ के प्रधान विक्की सहोता ने 27 अगस्त 2023 को सीएम भगवंत मान को शिकायत की थी। बताया था कि पंजाब सरकार ने 18 जून 2021 तक कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के आदेश दिए थे। नगर निगम में कार्यरत 2800 कर्मचारियों को पक्का किया गया था। आरोप लगाया था कि 256 कर्मचारियों को गाइडलाइंस के विरुद्ध पक्का गया गया। कहा कि एजेंडा में भी छेड़छाड़ की गई। इस शिकायती पत्र को लेकर शहरी विधायकों ने भी जांच की सिफारिश की थी। सीएम कार्यालय से लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। इस पर लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट विजिलेंस के डायरेक्टर ने निगम कमिश्नर को जांच के लिए कहा है। उन्होंने कमिश्नर लुधियाना के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं जिसमें जोनल कमिश्नर, डीसीएफए, अमला सुपरिटेंडेंट को शामिल किया गया है। डायरेक्टर ने शिकायतकर्ता के पास मौजूद साक्ष्य एकत्र करने और अभी तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। मामले में जांच करने संबंधित कॉपी लुधियाना निगम कार्यालय पहुंच चुकी है जिसके बाद निगम अधिकारी हरकत में आए हैं। इस मामले की विस्तृत जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। मंगलवार को शिकायतकर्ता विक्की सहोता को बयान लेने के लिए बुलाया गया जहां एक्सईएन पुरुषोत्तम ने उनके बयान दर्ज किए हैं। इस दौरान विक्की सहोता से आरोपों के संबंध में सबूत मांगा गया जिस पर कुछ दस्तावेज उन्होंने निगम अफसरों को उपलब्ध कराए हैं। विएसएस प्रधान विक्की सहोता ने बताया कि डायरेक्टर कार्यालय ने निगम प्रबंधन से जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी। लेकिन निगम अफसरों ने उन्हें आखिरी दिन बुलाया। बताया कि इस मामले में एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया था जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। कहा कि मामले में पौने दो साल बाद जांच शुरू की गई है। कहा कि मामले में घिरे कर्मचारियों व अफसरों पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया। कहा कि इस मामले में यह निर्देशित किया गया है कि मामले में मिलीभगत सामने आने पर संबंधित पर बनती कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

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