राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने के लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (झसास) ने बड़ा कदम उठाया है। सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने सभी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को 31 जनवरी 2026 तक एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश मंगलवार को उनके कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में दिए गए। बैठक में रांची के तीन निजी अस्पताल राज हॉस्पिटल, रानी हॉस्पिटल और समर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को एचईएम 2.0 पोर्टल पर स्थानांतरित करने की मंजूरी भी दी गई। इस नई प्रणाली से इलाज से जुड़ी प्रक्रियाएं ज्यादा सुचारू, तेज और पारदर्शी होंगी। कार्यकारी निदेशक ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी अस्पताल पहले ही एचईएम 2.0 पर अपग्रेड हो चुके हैं। लेकिन कुछ निजी अस्पताल अभी भी एचईएम 1.0 पर काम कर रहे हैं, जिससे योजनाओं के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इसी वजह से समय-सीमा तय की गई है। लाभुकों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर : बैठक के दौरान कार्यकारी निदेशक ने लाभुकों, निजी अस्पतालों और बीमा कंपनियों के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एचईएम 2.0 के माध्यम से इलाज की प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और लाभुक-अनुकूल बनाया जा सकेगा। इसका दूरगामी लाभ होगा। समीक्षा बैठक में अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) सिद्धार्थ सान्याल, अस्पताल प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधि, बीमा कंपनियों के पदाधिकारी और झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के अधिकारी उपस्थित थे। बीमा कंपनियों से मांगी गई हाई कॉस्ट पैकेज की सूची समीक्षा के दौरान झसास के कार्यकारी अध्यक्ष छवि रंजन ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि वे उन रोगों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराएं, जिनमें पैकेज राशि अधिक है और जिनका उपयोग भी ज्यादा हो रहा है। साथ ही राज्य के बाहर जिन अस्पतालों में मरीजों का इलाज कराया जा रहा है, उनकी पूरी सूची उपलब्ध कराएं, ताकि इलाज की प्रवृत्ति और खर्च का समुचित विश्लेषण किया जा सके।


