ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की शिकायत एक बार फिर परिवहन मुख्यालय पहुंची है। ग्वालियर के एक व्यक्ति ने इंदौर और ग्वालियर के निजी फिटनेस सेंटरों की शिकायत करते हुए कहा कमर्शियल वाहनों का फिटनेस बिना वाहनों के सत्यापन के हो रहा। उन्होंने निजी फिटनेस सेंटरों पर रुपए लेकर अनफिट वाहनों को भी फिटनेस जारी करने का आरोप लगाया। ग्वालियर मुख्यालय से यह शिकायत इंदौर आरटीओ पहुंची तो जांच के आदेश दिए गए। शिकायतकर्ता एडवोकेट पवन कुमार ने कहा सारे मापदंडों को ताक पर रख बिना वाहन के फिटनेस जारी हो रहा। ऐसे फिटनेस सेंटरों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। परिवहन सचिव ने 17 सितं. को दिए थे जांच के आदेश ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की लगातार शिकायत, नियम विरुद्ध हो रहे फिटनेस और अनफिट गाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट दिए जाने के मामले में परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाई थी। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने 17 सितंबर को आदेश जारी कर प्रदेशभर के निजी फिटनेस सेंटरों की जांच के आदेश दिए थे। यह भी कहा था कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हो रहा हो और गलत प्रक्रिया अपनाकर अनफिट वाहनों को फिटनेस दिए जा रहे हों, ऐसे सभी फिटनेस सेंटर और उनके स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जांच के साथ सुझाव भी मांगे थे 1. परिवहन सचिव सिंह ने आदेश में कहा था कि जहां भी एटीएस शुरू हो चुके हैं, वहां परिवहन अधिकारी केंद्रों पर किस प्रक्रिया से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर रहे, इसकी जांच करवाई जाए। यदि गलत प्रक्रिया अपनाते हुए अनफिट वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जा रहा है तो ऐसे संचालक और उनके स्टाफ के विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर करवाई जाए। 2. इन सेंटरों पर किस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा और किस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए ताकि सर्टिफिकेट सभी मापदंडों के उपरांत जारी हों, इसके लिए प्रस्ताव भी प्रेषित करें, ताकि आगे इस प्रक्रिया को अपनाया जा सके।


