भास्कर न्यूज | कुंडा निजी स्कूलों में परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सत्र 2025-26 से निजी स्कूलों में संचालित कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं अब जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसे लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसकी जानकारी जिले के सभी निजी स्कूलों को भेजी जा रही है। जारी निर्देशों के अनुसार, कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठवीं, सातवीं, नौवीं और ग्यारहवीं की वार्षिक परीक्षाएं निर्धारित नियमों के तहत आयोजित की जाएगी। परीक्षा संचालन, प्रश्न पत्र तैयार करने, उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से तय प्रक्रिया के अनुसार होगी। शिक्षा विभाग का स्पष्ट उद्देश्य निजी स्कूलों में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, एकरूप और अनुशासित बनाना है। ताकि सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन समान मापदंडों पर किया जा सके। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी निजी स्कूलों को जारी गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी को जिले में संचालित सभी निजी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। ताकि स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो और किसी प्रकार की अनियमितता न होने पाए। पालकों का कहना है कि इस व्यवस्था से परीक्षा परिणामों में होने वाले भेदभाव पर रोक लगेगी और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। अब तक कई निजी स्कूल मनमाने ढंग से परीक्षा परिणाम घोषित कर पाएगा।


