भास्कर न्यूज| सरायकेला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला की अध्यक्षता में कारा सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक के दौरान कारा सुरक्षा, कारा में कैदियों व बंदियों के लिए मूलभूत सुविधाएं, परिजनों से मुलाकाती, स्वास्थ्य सुविधाएं, सीसीटीवी कैमरा, जैमर, सायरन सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई। इस दौरान जेल अधीक्षक से कारा की सुरक्षा सहित भोजन-पानी, शौचालय एवं साफ-सफाई के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी लेकर निर्देशित किया गया कि कैदियों व बंदियों को जेल में मेनू के अनुसार स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाए। बैठक के दौरान कारा परिसर मे पेयजल सम्बन्धित समस्याओं का निराकरण हेतु कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को निदेशित किया गया, कारा निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को यथाशीघ्र दुरुस्त करने के लिए सम्बन्धित पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सिविल सर्जन एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को जॉइंट विजिट कर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, भोजन एवं चिकित्सीय सहायता संबंधित सुविधाओं का जांच करने का निर्देश दिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लूणायत, उप विकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक आईटीडीए आशीष अग्रवाल, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला, पुलिस उपाधिक्षक मुख्यालय, उप समाहर्ता सामान्य शाखा, जेल अधीक्षक एवं अन्य सम्बन्धित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सरायकेला| जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला के तत्वावधान में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान चलाई जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान पिछले दिनों कुंवर विजय प्रताप गर्ल्स उच्च विद्यालय निबंध एवं चित्रांकन प्रतियोगिता हुई थी। जिसमें उत्कृष्ट स्थान पाने वाली छात्राओं को शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुरस्कृत किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तौसिफ मेराज ने बताया की नुक्कड़ नाटक और जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। निशुल्क विधिक सेवा पहुंचाना और अपने अधिकारों, नशामुक्ति, बालश्रम आदि के बारे में और कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। 15 दिसम्बर से प्रारम्भ इस अभियान के तहत आगामी 90 दिन तक विभिन्न विद्यालयों एवं गांवों में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की जाएगी। साथ ही अलग-अलग गतिविधियों के द्वारा लोगों को कानूनी जानकारी प्रदान की जाएगी। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक नि:शुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराना प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य है। जिसे पूरा करने के लिए अधिकार मित्र सक्रिय है।


