भास्कर न्यूज | कवर्धा वन विभाग के कर्मचारियों ने अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ आंदोलन का रास्ता चुना है। जिले के काष्ठागार में हुई बैठक में कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। कर्मचारियों का आरोप है कि चार संघ पदाधिकारियों को जान बूझकर नियमों के खिलाफ कार्य आवंटन किया गया। यह आदेश अग्नि सीजन, विधानसभा सत्र और स्थानांतरण प्रतिबंधित अवधि में जारी किया गया है। कर्मचारियों ने पहले डीएफओ कवर्धा से आदेश निरस्त करने की मांग की थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्य वन संरक्षक दुर्ग से निवेदन किया। संभागीय पदाधिकारियों ने सीसीएफ दुर्ग के आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए नियमों की प्रतियां भी सौंपीं। इसके बावजूद आदेश वापस नहीं लिया गया। अब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ जिला कबीरधाम के सभी कर्मचारी 9 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। बैठक में जिले के सभी तहसील अध्यक्ष, रेंज अध्यक्ष और कर्मचारी मौजूद रहे। हड़ताल का पड़ेगा असर: वन कर्मचारी संघ के जिला संरक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने बताया कि फायर सीजन 16 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ती हैं। मैदानी कर्मचारी ही आग बुझाते हैं। अब हड़ताल पर जाने से आगजनी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। कर्मचारियों की कमी वनरक्षक भर्ती पेंडिंग जिले में पहले से ही कर्मचारियों की भारी कमी है। साल 2023-24 की वनरक्षक भर्ती अब तक लंबित है। कई बीट गार्ड दो- दो बीट का काम संभाल रहे हैं। वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष परसराम चंद्राकर ने कहा कि कार्य आवंटन आदेश सामान्य प्रशासन विभाग और शासन की गाइडलाइन के खिलाफ है। यह आदेश कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हैं, लेकिन नियम विरुद्ध आदेश किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।


