बायपास पर बेस्ट प्राइस से लेकर पटेल नगर तक के हिस्से में चल रहे फ्लायओवर और अंडरपास के काम के लिए बायपास के 2 किमी हिस्से में गुरुवार से डायवर्शन प्लान लागू किया जाना था, लेकिन तैयारियां अधूरी होने से इसे लागू नहीं किया जा सका। यहां न तो डायवर्शन की सही से मार्किंग की गई है, न ही वैकल्पिक मार्ग बनाया, न मौके पर क्रेन लगी है और न ही खुली पड़ी नालियों को ढंका गया। डायवर्शन लागू होने पर इससे प्रतिदिन 60 हजार से ज्यादा वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
एसीपी (ट्रैफिक) मनोज कुमार खत्री एवं निर्माण एजेंसी की ओर से प्रोजेक्ट मेनेजर रामेंद्र सिंह सिसौदिया ने गुरुवार को क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्हें व्यवस्थाओं में कमी नजर आई। कई इंतजाम किए जाना बाकी हैं, जिससे कि सुरक्षित रूप से मुख्य मार्ग के ट्रैफिक को सर्विस रोड पर उतारा जा सके।
न डिवाइडर हटाए गए, न ही ट्रैफिक सिग्नल लगाए
डीपीएस फ्लायओवर के बाद जहां यू टर्न के लिए डिवाइडर के बीच हाइट बैरियर बनाया गया है, वहां डिवाइडर को हटाकर सड़क भी नहीं बनाई गई है। साथ ही यहां ट्रैफिक सिग्नल भी नहीं है और रम्बल स्ट्रिप बनाने का काम भी गुरुवार को ही किया गया। ट्रैफिक पुलिस ने देवास से आ रही गाड़ियों के लिए सर्विस रोड का वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए कहा है। ये वैकल्पिक मार्ग फीनिक्स मॉल के पीछे से गुजरेगा और आईडीए द्वारा बनाई गई सड़क से जुड़ेगा। मॉल और आईडीए की रोड के बीच भी निर्माण एजेंसी द्वारा एक रास्ता बनाया जा रहा है, जिसका काम पूरा होना बाकी है। इसके अलावा डायवर्शन लागू करने के लिए जिन वालंटियर्स को खड़ा किया जाना है, लेकिन उनकी भी पोजीशन तय करना शेष है। मार्किंग भी ठीक से नहीं की है। रेडियम स्ट्रिप्स लगाना है।
जो कमियां हैं, उन्हें दो-तीन दिन में पूरा करेंगे
प्रोजेक्ट मैनेजर रामेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि जो भी बदलाव ट्रैफिक पुलिस द्वारा बताए गए हैं, उन्हें आने वाले 2-3 दिनों में लागू कर देंगे, जिससे जल्द से जल्द काम पूरा हो सके। 8 मीटर चौड़ा सर्विस रोड 2 लेन ट्रैफिक के लिए पर्याप्त होगा। अंडरपास के ऊपर डामर का काम पूरा किया जा चुका है और आसपास रैलिंग भी लगा दी है।


