निर्वाचन आयोग की बड़ी राहत:अब 13 वैकल्पिक दस्तावेज़ों से भी जुड़वा सकते हैं नाम, अंतिम तिथि बढ़ाई, नाम जुड़वाने के लिए ‘2002 की मतदाता सूची’ की अनिवार्यता खत्म

निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR 2026) को लेकर एक बड़ी राहत दी है। उन योग्य मतदाताओं को बिल्कुल भी घबराने की ज़रूरत नहीं है जिनका नाम या उनके किसी करीबी रिश्तेदार का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में शामिल नहीं है। आयोग ने लोकतंत्र के इस महाभियान को सफल बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि ‘कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल नहीं हो, इसके लिए 13 वैकल्पिक दस्तावेज़ों को मान्यता दी है। एडीएम एवं अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, अजय कुमार आर्य ने बताया कि आयोग की मंशा है कि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं, और बढ़ी हुई तारीख के कारण अब किसी को परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। नाम जुड़ने से रह जाए तो भी है मौका यदि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद भी किसी योग्य मतदाता का नाम जुड़ने से रह जाता है, तो वह आपत्ति दर्ज करवा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित नहीं रहेगा। बढ़ी समय सीमा और अंतिम प्रकाशन की तारीख निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को नाम जुड़वाने के लिए अधिक समय देते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय सीमा को बढ़ा दिया है। बढ़ी हुई अंतिम तिथि: अब आप अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दस्तावेज 11 दिसंबर तक सौंप सकते हैं। अंतिम प्रकाशन: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा। ‘2002 की सूची’ नहीं तो भी चिंता नहीं! इन 13 दस्तावेज़ों को मिली मान्यता यदि किसी मतदाता का नाम या उसके माता-पिता/नज़दीकी रिश्तेदार का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, तो भी वह 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई भी एक अपने बीएलओ को दिखाकर अपना नाम सूची में शामिल करवा सकता है। यह अनिवार्य नहीं है: केवल जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। मान्य दस्तावेज़ |1.केंद्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश। 2. 01 जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज़। 3. सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र। | 4. पासपोर्ट। 5. आधार कार्ड। 6. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों से जारी दसवीं की अंकतालिका/शैक्षणिक प्रमाण पत्र। | 7. सक्षम राज्य प्राधिकारी की ओर से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र। 8. वन अधिकार प्रमाण पत्र। | 9. ओबीसी/एससी/एसटी या सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी कोई भी जाति प्रमाण पत्र। | 10. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी मौजूद हो)। | 11. राज्य/स्थानीय प्राधिकरणों की ओर से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर। | 12. सरकार की ओर से कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र।

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