निवाड़ी जिले के ओरछा-खजुराहो हाईवे पर आरटीओ पर अवैध वसूली का आरोप लगाए हुए उद्योगपति, ट्रांसपोर्टर और वाहन चालक सड़क पर उतर आए। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान आरटीओ टीम पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। टोकन के नाम पर वसूली का आरोप प्रदर्शन कर रहे वाहन चालकों का कहना है कि आरटीओ की टीम चेकिंग के नाम पर प्रत्येक वाहन से दो हजार रुपए तक वसूल रही है। यह राशि एक ‘टोकन’ देकर ली जा रही है, जिसे एक महीने तक आने-जाने की पावती बताया जा रहा है। चालकों का आरोप है कि पैसे दिए बिना वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। फ्री जोन में भी चेकिंग, नेशनल परमिट वाहन भी नहीं बचे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह इलाका पहले से ही ‘फ्री जोन’ घोषित है, इसके बावजूद यहां लगातार चेकिंग की जा रही है। नेशनल परमिट वाले वाहनों को भी रोका जा रहा है। उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश की सीमा पर ‘एंट्री शुल्क’ के नाम पर नई वसूली शुरू होने का भी आरोप लगाया गया है। सुबह 6 बजे से शुरू हो जाती है कार्रवाई वाहन चालकों के अनुसार आरटीओ अधिकारी सुबह 6 बजे से ही हाईवे पर चेकिंग शुरू कर देते हैं। एक चालक ने बताया कि उसकी गाड़ी नई थी और उसके पास सभी दस्तावेज व नेशनल परमिट मौजूद थे, फिर भी उससे अवैध वसूली की गई। गोरखपुर से गिट्टी लेकर आने वाले एक अन्य चालक को भी दो हजार रुपए की मासिक पावती दी गई। उद्योग और व्यापार ठप होने की कगार पर मौके पर मौजूद क्रेशर संचालक विशाल गुप्ता ने कहा कि आरटीओ की इस तरह की चेकिंग से उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारी सुनील गुप्ता ने बताया कि व्यापार पहले से ही कमजोर चल रहा है और तीन क्रेशर पहले ही बंद हो चुके हैं। अब इस अवैध वसूली से हालात और बिगड़ रहे हैं। व्यापारी बोले- सीमा पर एंट्री शुल्क बना नई मुसीबत व्यापारी नितिन शराबगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों पर पहले ही अतिरिक्त कर लग रहा है, ऊपर से आरटीओ की चेकिंग और वसूली व्यापार के लिए बेहद परेशानी वाली है। व्यापारी राजीव जैन ने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो उन्हें भी अपना क्रेशर बंद करना पड़ेगा। आरटीओ अधिकारी आरोपों से बचते नजर आए मौके पर जब आरटीओ कर्मचारियों से सवाल किए गए तो उन्होंने इसे शासकीय कार्य में बाधा बताया। टोकन और एंट्री शुल्क को लेकर पूछे गए सवालों पर अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं उद्योगपतियों और वाहन चालकों का कहना है कि सरकारी कार्रवाई के नाम पर खुलेआम वसूली की जा रही है। आंदोलन की चेतावनी दी उद्योगपतियों ने कहा कि यदि अवैध वसूली पर तत्काल रोक नहीं लगी और चेकिंग का यही तरीका जारी रहा, तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाएंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।


