निवाड़ी जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था और संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर ने धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत अब पूरे जिले में बिना प्रशासनिक अनुमति के धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली निकालने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। भीम आर्मी के प्रदर्शन से पहले बढ़ी सख्ती बता दें कि, आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी ने बुधवार को एक बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रमोद अहिरवार की अमर सिंह पाल हत्याकांड में हुई गिरफ्तारी के विरोध में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। भीम आर्मी पुलिस की इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बता रही है, जबकि पुलिस ने प्रमोद और अनिल अहिरवार को हत्याकांड का आरोपी मानकर जेल भेजा है। जबकि, कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठन बिना पूर्व सूचना के भीड़ जुटाकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने रिपोर्ट दी थी कि समय और मार्ग स्पष्ट न होने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा रही थी और शांति भंग होने का खतरा बना हुआ था। इसी को ध्यान में रखते हुए अब किसी भी आयोजन के लिए विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई नए प्रतिबंधों के अनुसार, जिले में कहीं भी बिना सूचना के भीड़ जमा करने या विरोध दर्ज कराने पर मनाही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में लाठी, डंडे या किसी भी तरह के हथियार लेकर चलने और तेज आवाज में डीजे बजाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी इन आदेशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


