निवाड़ी नगर के व्यापारियों ने अपनी समस्याओं पर सुनवाई न होने के विरोध में शुक्रवार, 21 दिसंबर से अनिश्चितकालीन बाजार बंद का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद से पूरे नगर की व्यापारिक गतिविधियां रुक गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। अधिकारियों के न पहुंचने पर बढ़ा व्यापारियों का गुस्सा व्यापारियों ने इससे पहले 20 दिसंबर को भी अपनी मांगों के समर्थन में बाजार बंद रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे चर्चा करने आएगा और समस्याओं का समाधान निकालेगा। लेकिन जब पूरे दिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो व्यापारियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया और शुक्रवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। बुनियादी सुविधाओं और अव्यवस्थाओं से परेशान हैं व्यापारी नगर के व्यापारी पिछले काफी समय से खराब यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण और पार्किंग की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि इन अव्यवस्थाओं के कारण उनका व्यापार चौपट हो रहा है। प्रशासन को कई बार आवेदन देने और मौखिक शिकायत करने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों की बढ़ी मुश्किलें और ठप हुआ व्यापार अनिश्चितकालीन बंद की वजह से निवाड़ी के सभी प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद हैं और दुकानों पर ताले लटके हुए हैं। इस हड़ताल का सीधा असर लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें किराना, दवाइयों और रोजमर्रा के जरूरी सामान के लिए भटकना पड़ रहा है। इसे क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारी आंदोलन माना जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपए का व्यापारिक नुकसान होने की आशंका है।


