निवेश के लिए न्योता:पहली बार; 7 नीतियां एक साथ कैबिनेट से मंजूर, दावा- 6 साल में 20 लाख रोजगार

राज्य जीडीपी में औद्योगिक हिस्सेदारी 2.9 से बढ़ाकर 6 लाख करोड़ करने का लक्ष्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेशकों को रिझाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 7 नीतियों को एकसाथ कैबिनेट में मंजूरी दी। इसमें औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 समेत रोजगार, कारोबार, निर्यात और विदेशी निवेश बढ़ाने चाली 7 नीतियां और 10 उप-नीतियां शामिल हैं। दावा है कि इन नीतियों के जरिए अगले 6 साल यानी 2030 तक 20 लाख नौकरियां पैदा होंगी। इसके अलावा प्रदेश की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 2.9 लाख करोड़ से बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। पहले साल 3 लाख नौकरियों का लक्ष्य है। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि ये तमाम नीतियां निवेशकों के लिए बड़ा मौका बनेंगी। सरकार ने औद्योगिक निवेश व संवर्धन नीति के भीतर सेक्टर वाइज 10 अन्य सब-पॉलिसीज में जरूरत के हिसाब से छूट और सहूलियतें दी हैं। नीतियों को सेवा गारंटी कानून के दायरे में लाकर मंजूरी और एनओसी की समय सीमा भी तय कर दी हैं। पहले इंडस्ट्री लगाने में 30 अनुमतियां व एनओसी लेनी होती थी, उन्हें अब 10 कर दिया गया है। एफडीआई के रास्ते खोले हैं। इस पर 1.2 गुना अतिरिक्त बेसिक इन्वेस्टमेंट प्रमोशन असिस्टेंस दिया जाएगा। मूल में मध्य प्रदेश… अधिक लोगों को रोजगार पर विशेष छूट 1. उद्योग के लिए अधिकतम सहायता 150 से बढ़ाकर 200 करोड़ की 75 करोड़ निवेश वाले उद्योग अब मेगा यूनिट रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 75 करोड़ तक निवेश करने वाली इकाई को मेगा यूनिट माना गया है। इनको कस्टमाइज पैकेज दिया जाएगा। बाकी इकाइयों के लिए मेगा प्रोजेक्ट की सीमा 250 करोड़ व कुछ उद्योगों के लिए 500 करोड़ किया गया है। इसके तहत आने वाले मुख्य सेक्टर में एग्री, डेयरी-खाद्य प्रसंस्करण, गारमेंट, फुटवेयर, टॉयस एवं एसेसरीज, जेम्स एवं ज्वेलरी, फर्नीचर विनिर्माण आदि को शामिल किया है। 50 से 125 करोड़ के निवेश पर 40% से 32% तक और 125 से 2500 करोड़ तक के निवेश पर 32% से 10% इंसेंटिव दिया जाएगा। विदेशी निवेश पर 1.2 गुना निवेश प्रोत्साहन सहायता। ग्रीन इंडस्ट्रिलाइजेशन पर खर्च में 10 करोड़ तक इंसेंटिव। 2. लॉजिस्टिक पार्क स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस पर 100% छूट मिलेगी 3. फिल्म पर्यटन : फिल्म की 75% शूटिंग मप्र में की तो 2 करोड़ रु. तक की सहायता 4. पर्यटन बड़े निवेश पर 90 करोड़ तक छूट, कुल मंजूरियां 30 से घटाकर 10 कीं ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया तो 15 से 30% तक कैपेक्स सब्सिडी। अधिकतम १० करोड़ तक। गोल्फ, कन्वेंशन सेंटर, वैलनेस रिसोर्ट, क्रूज, वायु सेवा, हेरिटेज होटल में निजी निवेश को प्रोत्साहन। अभी तक कुल 30 मंजूरी व एनओसी लेनी पड़ती थी, इन्हें घटाकर 10 करेंगे।

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