इंदौर में दूषित पानी से हुई जनहानि और प्रदेश भर में बढ़ते संक्रमण के खतरों के बीच नीमच जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। शहर में जीबीएस संक्रमण के मामले सामने आने और जनहित याचिका पर न्यायालय द्वारा कलेक्टर व नगर पालिका से जवाब तलब किए जाने के बाद शनिवार को नगर पालिका की टीम ने मूलचंद्र मार्ग पर बड़ी कार्रवाई की। सीएमओ दुर्गा बामनिया के नेतृत्व में टीम ने वार्ड क्रमांक 19 और 16 के बीच मुख्य नाले के भीतर से लिए गए दो दर्जन से अधिक अवैध नल कनेक्शनों को काट दिया। ये अवैध कनेक्शन नसरुल्ला खां मस्जिद और अन्नू-कन्नू होटल के पास मुख्य नाले के भीतर पाइपलाइन फोड़कर लिए गए थे। नाले की गंदगी के बीच से गुजर रहे इन कनेक्शनों के कारण पूरे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए। इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम ने केवल अवैध कनेक्शन ही नहीं काटे, बल्कि जेसीबी की मदद से नाले की गहरी सफाई भी करवाई। क्षेत्रीय रहवासियों ने बताया कि यह मुख्य नाला पिछले 20 सालों से उपेक्षित था। शनिवार को घंटों की मशक्कत के बाद यहाँ से कई ट्रॉली गाद और मलबा बाहर निकाला गया। इस बड़ी कार्रवाई में सीएमओ दुर्गा बामनिया के साथ उपयंत्री अन्नू सौलंकी, जलकल शाखा सुपरवाइजर नाथूलाल नागर और स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक सहित पूरा अमला मौजूद रहा। नगर पालिका ने अब ऐसे सभी अवैध कनेक्शनधारियों की एक सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ जल चोरी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अन्य अवैध कनेक्शनधारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।


