नीमच जिले में रविवार को हुई बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि से रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। नुकसान के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सड़कों पर उतरे। किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और सरकार से तुरंत राहत देने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन, तत्काल सर्वे की मांग भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सुरेशचंद्र धाकड़ के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे को सौंपा। किसानों की मुख्य मांग है कि प्रशासन तुरंत विशेष टीमों का गठन कर प्रभावित गांवों में भेजे और फसलों के नुकसान का सही सर्वे कराए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। अफीम और चियासीड जैसी फसलें बर्बाद किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि अफीम, गेहूं, चना, रायड़ा, चियासीड और ईसबगोल की फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं। अफीम के डोडे फटने और गेहूं की बालियां गिरने से उत्पादन न के बराबर होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर फसलें बोई थीं, जो अब चंद मिनटों में जमींदोज हो गई हैं। बीमा क्लेम और आर्थिक राहत की गुहार प्रदर्शन के दौरान संघ ने मांग की कि प्रदेश सरकार प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आपदा राहत राशि प्रदान करे। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावों (क्लेम) का भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों की बर्बादी से चिंता और मायूसी का माहौल है। किसानों का कहना है कि वे अब पूरी तरह सरकार की मदद पर निर्भर हैं।


