नीमराना थाना क्षेत्र के कायसा गांव और रैवाणा की पहाड़ियों में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर प्रशासन ने बुधवार सुबह सख्त कार्रवाई की। कोटपूतली-बहरोड़ खनन विभाग के सहायक अभियंता अमीचंद के निर्देशन में राजस्व और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह करीब 6 बजे आकस्मिक दबिश दी। टीम को देखते ही अवैध खनन में लिप्त लोग अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मौके पर छोड़कर फरार हो गए। संयुक्त टीम ने कायसा, रैवाणा और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया, जहां अवैध खनन और खनिज निर्गमन के ताज़ा निशान मिले। इससे पुष्टि हुई कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। जांच के दौरान कायसा के पहाड़ी क्षेत्र से एक युवक को बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया। यह युवक मोबाइल फोन के ज़रिए अवैध खननकर्ताओं को सरकारी वाहनों और अधिकारियों की आवाजाही की जानकारी दे रहा था। पूछताछ में उसने अपनी पहचान आनंद पुत्र लालाराम, निवासी कायसा बताई। युवक ने स्वीकार किया कि वह व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर माइनिंग विभाग, पुलिस और अन्य सरकारी वाहनों की गतिविधियों की सूचना अवैध खनन में लिप्त लोगों तक पहुंचाता था। मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप चैट के ज़रिए निगरानी की पुष्टि हुई। खनिज कार्यदेशक ने बताया कि पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है और अवैध खनन से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में खनिज कार्यदेशक प्रथम सिवाग पारिक, नीमराना तहसीलदार डॉ. विक्रम सिंह, पटवारी मंजीत कुमार (हल्का कायसा), पटवारी धर्मसिंह चौहान (हल्का रैवाणा) और गिरदावर दिलबाग सिंह सहित राजस्व एवं माइनिंग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


