भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के सरकारी दावे की पोल खुलने लगी है। 85.53 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 3 उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। पैसा नहीं मिलने से ठेकेदार ने काम रोक दिया है। पिछले 4 महीने से स्वास्थ्य केंद्रों का काम अटका है। मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही है। मामला पंडरिया ब्लॉक के ग्राम खैरझिटी पुराना, देवसरा और कवर्धा ब्लॉक के धौराबंद उपस्वास्थ्य केंद्र का है। तीनों केंद्र भवनों के लिए 28.51 लाख-28.51 लाख रुपए स्वीकृत हुआ है। टेंडर के बाद ठेकेदार ने निर्माण शुरू भी कर दिया था, लेकिन समय पर भुगतान नहीं मिलने से काम रोक दिया है। वर्तमान में काम बंद पड़ा है। हालत ये है कि पुराने कंडम हो चुके भवन में स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है। जहां मरीजों और मेडिकल स्टाफ को सुविधाएं नहीं मिल रही है। ^ निर्माणाधीन अस्पताल भवनों सहित अधूरे पड़े उपस्वास्थ्य केंद्र भवनों की जानकारी ली जाएगी। कहां-किस स्तर पर और क्यों काम रुका हुआ है, यह पता लगाएंगे। भवनों का काम जल्द पूरा कराया जाएगा। अस्पतालों में मरीजों के लिए पूरी सुविधाएं जुटाने के लिए लगतार प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. देवेन्द्र कुमार तुर्रे, सीएमएचओ पंडरिया ब्लॉक के खैरझिटी पुराना गांव में में 28.51 लाख रुपए से बना उपस्वास्थ्य केंद्र भवन लगभग तैयार है। प्लास्टर तक हो चुका है। जी-प्लस-वन बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी और फर्स्ट फ्लोर पर मेडिकल टीम के लिए रेसिडेंस तैयार है। ठेकेदार को पहली किस्त में 5 से 6 लाख रुपए ही मिले हैं। काम बंद पड़ा है। खैरझिटी पुराना: पहली किस्त ही मिल पाई है राज्य शासन से स्वीकृत मेडिकल कॉलेज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हुई। कलेक्टर गोपाल वर्मा का कहना है कि आगामी सत्र से मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई शुरू करने के लिए आयुष विभाग की इमारत को अस्थायी रूप से उपयोग किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन को विभागीय पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं ताकि इसकी सुविधा जल्द मिल सके। पंडरिया ब्लॉक के देवसरा सब-सेंटर की स्थिति चौंकाने वाली है। यहां पर 28.51 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इस भवन का काम लेंटर लेवल पर अटका पड़ा है। जबकि ठेकेदार को एक भी किस्त जारी नहीं हुई। भुगतान नहीं होने पर ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया है। इसके चलते ब्लॉक के लोग सुविधा से वंचित हो रहे हैं। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहद चिंताजनक है। कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि 31 स्वास्थ्य केंद्र भवन कंडम हो चुके हैं। नए भवनों की तत्काल जरूरत है। वहीं 23 स्वास्थ्य संस्थानों में बाउंड्रीवाल नहीं है। 5 केंद्रों में अतिरिक्त भवन की जरूरत है और 7 पुराने भवन मरम्मत योग्य हैं। मरीजों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल रही है।


