प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष बनाए जा सकते हैं। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बाबूलाल मरांडी की बैठक भी हो चुकी है। वैसे दौड़ में रांची विधायक सीपी सिंह भी हैं, पर मरांडी का नाम अभी आगे है। गढ़वा विधायक सत्येंद्र तिवारी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल या कोडरमा विधायक नीरा यादव में से किसी एक को विधानसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक और किसी एक को सचेतक बनाया जा सकता है। संभावना है कि दिल्ली चुनाव के बाद विधायक दल के नेता चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त होगा, जो रांची आकर इस टास्क को अंतिम रूप देगा। सोशल इंजीनियरिंग की होगी परीक्षा : नेता प्रतिपक्ष, सचेतक और प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा के सोशल इंजीनियरिंग की परीक्षा होगी। बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी ओबीसी और सामान्य जाति के नेताओं को शेष पदों के लिए नियुक्त करेगी।


