छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सोमवार को जांजगीर-चांपा जिला जेल पहुंचे। उन्होंने यहां जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने मामले के कानूनी और राजनीतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। जेल से बाहर आने के बाद डॉ. महंत ने मीडिया से बात करते हुए सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक बालेश्वर साहू को सत्ता के दबाव में जेल भेजा गया है, जो विपक्ष के खिलाफ एक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। डॉ. महंत ने किया पलटवार डॉ. महंत ने विधायक बालेश्वर साहू से पार्टी छोड़ने की मांग करने वाले नारायण चंदेल के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चंदेल को किसी पर आरोप लगाने से पहले अपनी पारिवारिक गतिविधियों की जांच कर लेनी चाहिए, उसके बाद ही कोई टिप्पणी करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि सभी दस्तावेज उनके पक्ष में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सत्ता पक्ष के दबाव में यह कार्रवाई की गई। डॉ. महंत के अनुसार, पुलिस ने उन्हें बहला-फुसलाकर जेल भेजा, जबकि फिंगर प्रिंट और हस्ताक्षर की उच्च स्तरीय जांच में भी तथ्य विधायक के पक्ष में पाए गए हैं। डॉ. महंत ने यह भी बताया कि विधायक बालेश्वर साहू की जमानत के लिए आज ही न्यायालय में पुनः आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांजगीर-चांपा जिले में भाजपा अपनी राजनीतिक हार को स्वीकार नहीं कर पा रही है और इसी कारण कांग्रेस के खिलाफ द्वेषपूर्ण राजनीति कर रही है।


