बुरहानपुर के नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। संस्था के 15 संचालकों में से 10 ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने संस्था अध्यक्ष और सहकारिता विभाग को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। संचालकों का कहना है कि अगस्त 2021 में निर्विरोध बने अध्यक्ष नियमों का पालन नहीं कर रहे। वे मंडल की अनुमति के बिना ही काम कर रहे हैं। नियम के मुताबिक बैठक की सूचना 14 दिन पहले देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। साथ ही वित्तीय वर्ष का ऑडिट भी नहीं कराया गया है। एफडी धारकों के पैसे बांटने पर भी सवाल उठाए गए हैं। संचालकों का आरोप है कि अध्यक्ष अपनी मर्जी से जमाकर्ताओं को पैसा दे रहे हैं और इसकी जानकारी मंडल को नहीं दी जाती। गौरतलब है कि करीब ढाई साल पहले इसी संस्था में 9 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। इसमें 16 लोगों पर केस दर्ज हुआ था और 17.70 लाख रुपए वसूल भी किए गए थे। कुछ लोगों को पैसा लौटा दिया गया, लेकिन अब भी कई जमाकर्ताओं की एफडी और जमा राशि अटकी हुई है। लोग लगातार संस्था से ऑडिट और अपने पैसे की मांग कर रहे हैं।


