नेशनल पार्क, सूरजकुंड और मेगालिथ साइट अंतरराष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल घोषित

उमेश राणा पर्यटन के क्षेत्र में हजारीबाग अब दुनिया भर में जाना जाएगा। यहां चार श्रेणी में विभक्त कुल 18 स्थलों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और स्थानीय महत्व का पर्यटक स्थल घोषित किया गया है। हजारीबाग जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार द्वारा घोषित इन स्थलों में तीन अंतरराष्ट्रीय महत्व का, दो राष्ट्रीय महत्व का, छह राज्य स्तरीय महत्व का और साथ स्थानीय महत्व का पर्यटक स्थल घोषित किया गया है। पर्यटक स्थल घोषित किए जाने के बाद यहां विकास की संभावनाओं को देखते हुए इन जगहों पर योजनाओं का खाका तैयार किया जा रहा है। नए वर्ष 2025 में इन स्थलों पर काम शुरू किया जाएगा। हजारीबाग नेशनल पार्क (वन्य प्राणी आश्रयणी), सूरजकुंड बरकट्ठा और मेगालिथ साइट बड़कागांव को अंतरराष्ट्रीय महत्व का पर्यटन स्थल घोषित किया गया है। इनमें मेगालिथ साइट बड़कागांव को राष्ट्रीय महत्व से अपग्रेड करते हुए अंतरराष्ट्रीय महत्व का पर्यटक स्थल की श्रेणी में शामिल किया गया है। जबकि इसको गुफा बड़कागांव और कोनार डैम विष्णुगढ़ को राष्ट्रीय महत्व के पर्यटक स्थल की श्रेणी में रखा गया है। कनहरी हिल हजारीबाग, पदमा किला, बुढ़वा महादेव मंदिर, नरसिंह स्थान खपरियावां, छड़वा डैम, हजारीबाग और जगन्नाथ धाम मंदिर सिलवार को राज्य स्तरीय महत्व का पर्यटक स्थल घोषित किया गया है। वहीं हजारीबाग कैफेटेरिया झील, बुढ़वा महादेव मंदिर, बरसो पानी बड़कागांव, माता चंपेश्वरी मंदिर इचाक के अलावा पुनाई मंदिर इचाक, शिव मंदिर ताजपुर चौपारण, बुढ़िया माता मंदिर इचाक और जवाहर घाटी बरही को स्थानीय महत्व का पर्यटक स्थल घोषित किया गया है। जिले में पर्यटन और विकास की संभावनाओं पर उपायुक्त नैंसी सहाय ने कहा कि हजारीबाग जिला पर्यटन की दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। यहां पर्यटन के क्षेत्र में काफी संभावनाएं है। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए पर्यटक स्थलों को चिह्नित किया गया। जिले में प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विषयों से जुड़े कई पर्यटक स्थल हैं। इन्हें विकसित कर सैलानियों को सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तो स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन होगा। क्या-क्या होंगे कार्य जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी ने चिह्नित स्थलों का मुआयना करने के बाद बताया कि जो जिस श्रेणी के पर्यटक स्थल घोषित हैं वहां पर्यटकों के लिए उसी तरह की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। मेगालिथ स्थल बड़कागांव में बाउंड्री वॉल का निर्माण होगा। पार्क बनेगा और उस स्थल को संरक्षित किया जाएगा। जगह-जगह साइनेज लगेंगे। इन योजनाओं के लिए राशि आवंटित है। स्थानीय महत्व के रूप में घोषित छड़वा डैम में वोटिंग की व्यवस्था होगी और पार्क बनेगा। प्रस्ताव तैयार है। सूर्यकुंड बरकट्ठा को भी और विकसित किया जाएगा। ताकि विदेशी पर्यटक यहां आ सकें।

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