भास्कर न्यूज| राजनांदगांव राजनांदगांव जिले में 10 मई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव की अध्यक्ष और प्रधान जिला न्यायाधीश सुषमा सावंत ने बताया कि कोई भी व्यक्ति स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से अपने प्रकरणों के निराकरण के लिए आवेदन कर सकता है। फैसले दोनों पक्षों की सहमति से होंगे। लोक अदालत में दिए गए फैसले को सामान्य अदालत के फैसले जितनी ही मान्यता होती है। इन फैसलों के खिलाफ अपील नहीं की जा सकती। जिले में लंबित मामलों को कम करने और लोगों को त्वरित न्याय देने के उद्देश्य से यह लोक अदालत लगाई जा रही है। इसके लिए जिले में कुल 49 खण्डपीठों का गठन किया गया है। ये खण्डपीठ जिला न्यायालय राजनांदगांव, व्यवहार न्यायालय खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंबागढ़ चौकी, छुईखदान और राजस्व न्यायालयों में बनाई गई हैं। मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले भी इसमें शामिल हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और प्रभारी सचिव भूपत सिंह साहू ने बताया कि लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, धारा 138 के मामले, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक रिकवरी, सिविल, निष्पादन, बिजली, पारिवारिक विवाद और राजस्व मामलों का निराकरण किया जाएगा।


