आगर मालवा जिले के ग्राम नैन्याखेड़ी में सिंचाई व्यवस्था बदहाल है। पिपलिया कुमार बांध से निकलने वाली नहर पर लाड़वन और नैन्याखेड़ी के बीच बनी एक पुलिया पिछले 10 वर्षों से क्षतिग्रस्त है। इस टूटी पुलिया के कारण हर साल सिंचाई का पानी बड़ी मात्रा में बर्बाद हो रहा है, जिससे किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह नहर साल में लगभग तीन महीने तक संचालित होती है। नहर चलने के दौरान क्षतिग्रस्त पुलिया से पानी लगातार बाहर बहता रहता है। इसके परिणामस्वरूप, नहर के अंतिम छोर पर स्थित किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता। किसानों के अनुसार, यदि पुलिया की मरम्मत कर दी जाए, तो इसी पानी से 1000 बीघा से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई की जा सकती है। रास्ते में बर्बाद हो रहा नहर का पानी वर्तमान में, पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय रास्ते में ही बर्बाद हो रहा है, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है। किसान सुनील और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थिति के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के बारे में संबंधित सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार सूचित किया गया है। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस या स्थायी समाधान नहीं किया गया है। किसानों ने टूटी पुलिया सुधार की मांग की किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त पुलिया का शीघ्र निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि इससे नहर के पानी का उचित उपयोग हो सकेगा और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले सिंचाई सत्र में भी उन्हें इसी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इस मामले में एसडीओ प्रलेश ब्रह्मनिया ने बताया कि डेम के जीर्णोद्धार और नहर की मरम्मत के लिए इस्टीमेट बनाकर भोपाल स्थित वरिष्ठ कार्यालय को भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। अप्रूवल मिलते ही टेंडर सहित अन्य प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी, जिसके बाद जीर्णोद्धार और मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब 2 महीने लगने की संभावना है।


