बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील के ग्राम ढाबा में बिना अनुमति बनाए गए एक स्कूल को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने की कार्रवाई के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रतिक्रिया दी है। गौरतलब है कि रविवार को मुस्लिम युवक अब्दुल नईम द्वारा अपने खेत पर करीब 20 लाख रुपए की लागत से बनाए गए स्कूल को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में ग्राम पंचायत द्वारा तोड़ दिया गया था। आरोप था कि यह निर्माण पंचायत की अनुमति के बिना किया गया था। हालांकि, अब्दुल नईम ने अधिकारियों को उसी दिन पंचायत की अनापत्ति (NOC) की प्रति दिखाई थी। सोशल मीडिया पर उस समय का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें ग्राम की महिला सरपंच एसडीएम से कहती नजर आती हैं कि – “साहब, इसे मत तोड़ो।” पवन खेड़ा ने उठाए सवाल घटना के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर 2 मिनट 44 सेकंड का वीडियो ट्वीट जारी किया। उन्होंने कहा “शिक्षित बनो, संघर्ष करो — यह बाबा साहब का मूल मंत्र है, जिसे संघ और उसके समर्थक संगठनों ने कभी स्वीकार नहीं किया। पिछले दस सालों में उन्होंने सरकारी तंत्र का उपयोग कर खास तौर पर दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की शिक्षा पर हमला किया है।” खेड़ा ने आगे कहा कि बैतूल के ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने अपनी जेब से 20 लाख रुपए खर्च कर स्कूल बनाया। उस गांव में सिर्फ चार मुस्लिम परिवार हैं, बाकी हजारों लोग हिंदू हैं। नईम ने धर्म नहीं देखा उसने स्कूल दलित और आदिवासी बच्चों के लिए बनाया। फिर भी प्रशासन ने उसे गिरा दिया, यह कहते हुए कि ऊपर से आदेश हैं। अफवाह फैलाई गई कि वहां जिहाद या मदरसा चलाया जा रहा है, जबकि पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों की जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला। असल में यह दबाव इसलिए था कि अगर गांव के बच्चे पढ़ लिख जाएंगे, तो इन्हें अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करना मुश्किल होगा।” खेड़ा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा – “भला एक मुसलमान के स्कूल में गांव के दलित-आदिवासी बच्चे अगर पढ़-लिख जाएंगे, तो DJ बजाकर मस्जिदों के सामने तलवारें थोड़े ही लहराएंगे। भाजपा को अपनी जहरीली सियासत के लिए फलदायी पेड़ नहीं, बल्कि खरपतवार चाहिए।” औवैसी ने भी जताई नाराजगी
पवन खेड़ा के इस ट्वीट को 2870 बार रीट्वीट किया गया और 7938 लोगों ने लाइक किया है। अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किए हैं। सभी ने प्रशासनिक कार्रवाई को अत्यधिक कठोर और असंवेदनशील बताया है। प्रशासन का पक्ष स्थानीय प्रशासन के अनुसार, संबंधित निर्माण पंचायत की स्वीकृति के बिना किया गया था। नियमों के अनुसार बिना अनुमति किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता, इसलिए निर्माण को हटाने की कार्रवाई पंचायत द्वारा की गई। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बैतूल में स्कूल भवन पर चली जेसीबी, शेड तोड़ा बैतूल जिले की भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ढाबा में मंगलवार शाम प्रशासन ने एक निजी स्कूल भवन पर जेसीबी से कार्रवाई कर उसका कुछ हिस्सा ध्वस्त कर दिया। यह वही भवन है, जिसे लेकर मुस्लिम युवक नईम ने कलेक्ट्रेट में आत्मदाह की चेतावनी दी थी। कार्रवाई भैंसदेही एसडीएम अजीत मरावी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और राजस्व अमले की मौजूदगी में की गई। पूरी खबर पढ़ें…


