भास्कर न्यूज | जांजगीर नैला का रेलवे फाटक लंबे समय से आम लोगों के लिए जी का जंजाल बनकर रह गया है। रेलवे फाटक को घंटों बंद करने से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है। जिससे गर्मी तेज हो गई है। वहीं चिलचिलाती धूप के कारण जाम में फंसे रहने से राहगीर परेशान रहते हैं। यहां न तो धूप से बचने के लिए कोई शेड है और न ही पेड़। ऐसे में लोगों को कड़ी धूप में फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। दोपहर को फाटक बंद रहने पर लोग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। स्कूल छात्र-छात्राओं और कामकाज में जाने वाले लोगों रोजाना इस परेशानी को झेलने को मजबूर हैं। यहां से बलौदा, सरखों, बोड़सरा, कन्हाईबंद, सिवनी पहरिया, पंतोरा, बिलासपुर के लिए लोग आवागमन करते हैं। उन्हें फाटक बंद रहने से बहुत तकलीफ होती है। बाक्स थोड़ी दूर में बने अंडरब्रिज अनुपयोगी नैला रेलवे फाटक से थोड़ी दूर में अंडरब्रिज बनाया गया है। लेकिन यह भी कोई काम का नहीं है। यहां हर दिन पानी भरा रहता है और कोयले के बारीक कण उड़ते रहते हैं। सड़क में भी गड्ढे हो गए हैं। यहां न तो पर्याप्त लाइट की सुविधा है न ही सड़क की इसके कारण शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इससे आने-जाने वाले लोग परेशान रहते हैं।


