नोटिस में लिखा, सिविल सर्विस रूल 1970 के तहत होगी कार्रवाई

शुभेंदु शुक्ला । अमृतसर निगम कमिश्नर के आदेश पर अवैध कब्जा खाली नहीं कराने पर एस्टेट अफसर धरमिंदरजीत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों में स्पष्टीकरण मांग गया था। मगर 6 दिन बाद भी जवाब नहीं दिया। अब एस्टेट अफसर के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सूत्रों की मानें तो चाटीविंड गेट अधीन आते ज्ञान आश्रम स्कूल के पास 2018 में निगम कमिश्नर सोनाली गिरी ने 2400 स्क्वेयर यार्ड जमीन का कब्जा हटवाया था। जो दोबारा 5 फीट ऊंची और 90 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल करा ली गई। बीते साल नवंबर माह में मेयर जतिंदर सिंह भाटिया के निर्देश पर टीम बाउंड्रीवॉल तोड़ने गई थी, मगर खानापूर्ति करके लौट आई। मामले में निगम कमिश्नर ने भी कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। लेकिन निर्देश का सख्ती से पालन कराने की बजाय कार्रवाई लटकाए रखी गई। सूत्रों के अनुसार इस कब्जे में भाजपा के कुछ नेताओं की मिलीभगत की भी बात सामने आई है। दैनिक भास्कर ने इस कब्जे को लेकर बीते साल 24 दिसंबर को खबर प्रकाशित की थी। 6वें दिन 30 दिसंबर को कमिश्नर ने एस्टेट अफसर को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। निगम कमिश्नर के कारण बताओ नोटिस में लिखा है कि शांति स्वरूप पुत्र किशन कुमार को यह जमीन लीज पर दी गई थी। मगर इस जगह पर अज्ञात लोगों की ओर से कब्जा किया गया है। इसलिए आपको कब्जा हटवाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आपने ठोस कार्रवाई नहीं की। ^एस्टेट अफसर धरमिंदरजीत को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब तलबी की गई थी। अब तक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन एस्टेट अफसर ने अपना जवाब पेश करने के लिए 2 दिन का और समय मांगा है। इसका मौका दिया गया है। यदि अब इस नीयत टाइम पर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो अगली कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा जाएगा। – जयइंद्र सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम

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