नोट के एक टुकड़े से करोड़ों का हवाला कारोबार:गाड़ी कहीं भी नहीं रोकने की शर्त, खाना-पीना सब उसी में; पैसों के बीच वॉयस रिकॉर्डर और GPS

ये आधा नोट पकड़ो। खाने-पीने की सारा सामान रख लो। कार कहीं भी नहीं रोकनी है। इमरजेंसी होने पर ही गाड़ी के ब्रेक लगाना। कुछ इसी हिदायत के साथ करोड़ों रुपए लेकर कटनी से एक कार रवाना की गई थी। कार को सागर पुलिस ने रोक लिया। मोतीनगर थाना क्षेत्र में जब कार की सर्चिंग हुई तो इसमें से 3.98 करोड़ रुपए निकले। यह मामला काफी चौंकाने वाला है। कार्रवाई के दौरान कार से बिस्किट, नमकीन और पानी की बोतलें बरामद की गई हैं। मामले में जबलपुर इनकम टैक्स की टीम जांच कर रही है। कार्रवाई में जब्त पैसों को भारतीय स्टेट बैंक की सागर शाखा में जमा कराया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एजेंटों ने पूछताछ में मुंबई के व्यापारी कमलेश शाह का नाम बताया है। जिस आधार पर इनकम टैक्स की टीम आगे की जांच में जुटी है। हवाला कारोबार का नेटवर्क बेहद तगड़ा और गोपनीय है। यह पूरा नेटवर्क 10 रुपए के नोट के टुकड़े पर संचालित हो रहा था। नोट का टुकड़ा दिखाने पर करोड़ों रुपए से भरी कार एजेंटों को दे दी जाती है। इसके साथ ही पैसों से भरी कार लेकर जाने वाले एजेंटों के कार में ही खाने-पीने की व्यवस्था रहती है। वह गाड़ी खड़ी कर किसी ढाबे या होटल में खाना नहीं खा सकते। अब पढ़िए हवाला के पैसों के नेटवर्क की कहानी
मोतीनगर थाना पुलिस ने 18 नवंबर को भोपाल रोड पर रतौना के पास चेकिंग के दौरान एक कार को पकड़ा। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कटनी से सागर के रास्ते होकर एक कार में बड़ी मात्रा में हवाला के पैसे महाराष्ट्र की ओर ले जाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कार की घेराबंदी की और रतौना के पास कार को पकड़ा गया। कार सवार दो लोगों को हिरासत में लिया गया। तलाशी लेने पर बीच की सीट के नीचे बने बॉक्स में नोटों के बंडल बरामद हुए। कार से 500 और 200 रुपए के नोटों की गड्डियां जब्त की गईं। कार और पैसे जब्त कर पुलिस थाने लाई गई। जबलपुर इनकम टैक्स को सूचना दी गई। इनकम टैक्स डिप्टी डायरेक्टर के नेतृत्व में टीम ने दो दिनों तक पैसों की जांच की। कार्रवाई में कार से पकड़ाए मुंबई निवासी एजेंट मुकुंद देवड़ा और राजेश पटेल से पूछताछ की गई। पहले गुजरात, फिर कटनी से आने की खबर
पुलिस को पहले खबर मिली थी कि कार गुजरात से होकर आ रही है। जिसके चलते पुलिस टीम ने मालथौन रोड पर नाकाबंदी की। हालांकि, कुछ देर बाद पता चला कि कार कटनी से दमोह होते हुए सागर की ओर आ रही है। इस पर पुलिस ने भोपाल रोड पर चेकिंग लगाई और मोतीनगर चौराहे से रतौना तक तीन चेकिंग पॉइंट बनाए गए। घेराबंदी के दौरान रतौना में कार (MH45-BB8843) को पकड़ा गया। कार में दो युवक सवार थे, जिन्होंने पुलिस के रोके जाने पर रौब दिखाना शुरू कर दिया। पुलिस ने डिग्गी खोली, लेकिन कुछ नहीं मिला। इस पर युवकों ने कहा कि उन्हें परेशान न किया जाए और गाड़ी को थाने ले चलें। इसी बीच, पुलिस ने बीच की सीट को फोल्ड किया तो वहां एक बॉक्स नजर आया, जो विशेष नट की मदद से बंद था और खुल नहीं रहा था। पुलिस ने शहर से एक मैकेनिक को बुलाया, जिसने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बॉक्स को खोला। मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में पुलिस ने बॉक्स के अंदर देखा तो दंग रह गई। उसमें 500 और 200 रुपए के नोटों के बंडल भरे हुए थे। पैसे मिलते ही कार में सवार दोनों युवकों का पसीना छूट गया। पुलिस ने कार और युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। मुंबई से ट्रेन में नागपुर, फिर बस से पहुंचे थे कटनी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई में पकड़ाए एजेंटों से पूछताछ में सामने आया है कि उन्होंने मुंबई से कटनी भेजा गया था। वे मुंबई से ट्रेन में सवार होकर नागपुर पहुंचे। नागपुर से बस में सवार हुए और कटनी पहुंचे थे। जहां मोबाइल पर बताया गया कि कटनी के दमोह बायपास पर पहुंचना है वहां कार मिलेगी। दोनों बायपास पर पहुंचे। जहां एक बाइक सवार युवक आया। उसके पीछे स्कॉर्पियो गाड़ी आई। युवक ने एजेंटों से 10 रुपए के नोट का टुकड़ा मांगा। नोट का टुकड़ा दूसरे टुकड़े से मिलाया। जिसके बाद कार एजेंटों को सौंप दी गई थी। कार देने के बाद दोनों युवक कटनी शहर की ओर चले गए। कटनी से मलाड लेकर जा रहे थे रुपए
एजेंट और ड्राइवर गाड़ी में सवार हुए और कटनी से दमोह और सागर होते हुए महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें मलाड पहुंचकर यह कार कमलेश शाह को सौंपने का निर्देश दिया गया था। उन्हें एक नोट का टुकड़ा भी दिया गया था, जिसे कार्रवाई में जब्त कर लिया गया है। हवाला कारोबारी इतने शातिर हैं कि वे चलती कार पर भी नजर रखते हैं। कार में सवार एजेंटों की हर बात पर पहरेदारी करने के लिए, उन्होंने पैसों के बीच रखी कागजनुमा नोटों की गड्‌डी में एक वॉयस रिकॉर्डर छिपा रखा था, ताकि वे कार में बैठे एजेंटों की हर बात सुन सकें। इसके अलावा उन्होंने जीपीएस भी लगाया था, जिससे यदि पैसों की जगह बदली जाती है तो उन्हें पता चल सके। कार्रवाई के दौरान पैसों के बीच से वॉयस रिकॉर्डर और जीपीएस बरामद किया गया है। कार में ही एजेंटों के खाने-पीने का इंतजाम
पैसों से भरी कार लेकर चलने वाले एजेंटों को कार से नीचे उतरने की परमिशन नहीं होती है। वे सिर्फ बाथरूम के लिए ही कुछ मिनट को कार खड़ी कर सकते हैं। खाने के लिए उनके लिए कार में ही बिस्किट, नमकीन और पानी की व्यवस्था की जाती है। कार्रवाई में पकड़ाई कार में भी बिस्किट, नमकीन और पानी की बोतलों की पेटी रखी मिली है। एजेंट को एक ट्रिप के मिलते हैं 20 हजार रुपए
पूछताछ में पता चला है कि 20 हजार रुपए प्रति ट्रिप के हिसाब से हवाला का करोड़ों रुपए यहां से वहां पहुंचाया जा रहा था। खाने, पेट्रोल खर्च के अलावा इतना पैसा केवल रकम लाने के लिए दिया जाता था। कार्रवाई में पकड़ाए एजेंट कटनी, दमोह, सागर के रास्ते पहले भी करीब चार से पांच बार कार से हवाला का पैसों इधर से उधर कर चुके थे। इसलिए वह इस रास्ते को सुरक्षित मानकर चल रहे थे। लेकिन मुखबिरी में इस बार वह पकड़े गए। जबलपुर से आई इनकम टैक्स की टीम ने मामले की जांच करने के बाद भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जब्त पैसों को जमा कराया है। एजेंटों के बयान और अन्य जांच कर टीम जबलपुर रवाना हो गई है। टीम अब आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच में सामने आए नामों के संबंध में जानकारी जुटाकर उन्हें तलब किया जाएगा। हालांकि इनकम टैक्स की ओर से अब तक मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हवाला मामले में कमलेश शाह का नाम आया सामने
सागर में पकड़ाए हवाला के पैसों के मामले में कमलेश शाह का नाम सामने आया है। कमलेश शाह के संबंध में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि यह पहला मामला नहीं है जब हवाला करोड़ों में कमलेश शाह का नाम जुड़ा है। पहले भी कई मामलों में उसका नाम लिया गया है। कमलेश शाह के नाम से जुड़े ये मामले इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
सागर में कार से पकड़ाए 3.98 करोड़ रुपए सागर की मोतीनगर थाना पुलिस ने मंगलवार रात ग्राम रतौना के पास घेराबंदी कर महाराष्ट्र पासिंग कार को रोका। सीटों के नीचे बने सीक्रेट बॉक्स से 3 करोड़ 98 लाख रुपए बरामद हुए। रकम हवाला की होने के संदेह पर इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी गई। पढ़ें पूरी खबर…

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