हनुमानगढ़ के नोहर फीडर में पूरे पानी की मांग को लेकर नोहर-रावतसर हाईवे पर स्थित भगवान हेड पर 35 गांवों के किसानों की महापंचायत हुई। इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। महापंचायत को नोहर विधायक अमित चाचाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, माकपा नेता मंगेज चौधरी, पूर्व प्रधान सोहन ढिल और सुरेंद्र सिहाग ने संबोधित किया। किसान नेताओं ने नोहर फीडर में हरियाणा से पूरा पानी लेने और नहर के पुनर्निर्माण के लिए बजट की मांग की। किसानों ने नोहर फीडर व जसाना सिस्टम में हेड से टेल तक समान रूप से पानी देने, जल वितरण का एजेंडा अध्यक्षों को सौंपने और पानी चोरी रोकने की मांग रखी। उन्होंने नहर की टेल तक पानी पहुंचाने के लिए नहराणा हेड पर एक एईएन और दो जेईएन की नियुक्ति की आवश्यकता बताई। इसके अतिरिक्त, चलती नहर में पेयजल के लिए जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों की सहमति लेने और हर वर्ष 15 अप्रैल से पहले रेगुलेशन कमेटी की बैठक बुलाने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो नोहर-रावतसर हाइवे जाम कर नोहर की ओर कूच किया जाएगा या महापड़ाव डाला जाएगा। किसानों के बढ़ते रोष को देखते हुए जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर प्रदीप रुस्तगी बातचीत के लिए पहुंचे। बातचीत में एसडीएम राहुल श्रीवास्तव और जल संसाधन विभाग के एसई संजीव वर्मा भी शामिल हुए। विभाग और प्रशासन की ओर से नहर के पुनर्निर्माण के लिए 31 जनवरी तक डीपीआर बनाने और डीपीआर की स्वीकृति तक वर्तमान रेगुलेशन के अनुसार सिंचाई पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इसके लिए हरियाणा सरकार से आग्रह करने की बात भी कही गई। लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने महापंचायत समाप्त कर दी। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि तय समय पर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


