भास्कर संवाददाता | रायसेन यातायात पुलिस द्वारा शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए सुबह 8 से रात 8 बजे तक बाजार के बीच से गुजरने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसका दो दिन से विरोध हो रहा है। एक दिन पहले भी किसानों ने सागर तिराहा पर चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया था। बुधवार को किसान उस समय सागर तिराहा पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन लगाकर विरोध करने लगे, जब पुलिस के जवानों ने शहर के भीतर से ट्रैक्टर-ट्रालियों को ले जाने से मना कर दिया। किसानों के आक्रोश की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान सदालतपुर से विदिशा बायपास होकर भेजने वाले मामले को लेकर मना करने लगे। 15 से 20 मिनट तक पुलिस और किसानों के बीच बातचीत चलती रही, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। किसान शहर से होकर जाने वाले रास्ते से ही निकलने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद टीआई ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। वहां से मिले निर्देशों के बाद बैरिकेड हटाकर ट्रैक्टर-ट्रालियों को जाने के लिए रास्ता खोलना पड़ा। अमरावत गांव के किसान सुरेश शर्मा ने बताया कि गांव से मंडी तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किमी लंबा चक्कर लगाकर जाने के लिए पुलिस प्रशासन दबाव बना रही है, जो उनके गांव के हिसाब से ठीक नहीं है। पिछले पांच-छह सालों से रायसेन की मंडी में पूसा बासमती धान की बंपर आवक हो रही है। साल भर में 20 लाख क्विंटल तक धान बिकने आ रही है। धान के अच्छे रेट मिलने से भोपाल, बैरासिया, विदिशा और अशोक नगर जिले के किसान भी बड़ी संख्या में आते हैं। शहर में ट्रैक्टर-ट्रालियों के आने से रोजाना लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए कृषि उपज मंडी को शिफ्ट करने के लिए जमीन भी देखी जा रही है। ताकि यहां से मंडी को वहां पर शिफ्ट किया जा सके। मंडी सचिव वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि बनगवां के पास 27 एकड़ सरकारी जमीन है, जिसे देखा गया है। मंडी बोर्ड के अधिकारियों को उक्त जमीन के निरीक्षण के लिए पत्र लिखा जा रहा है। यदि मंडी बोर्ड की स्वीकृति मिलती है तो वहां पर मंडी को शिफ्ट करने की दिशा में प्रयास प्रारंभ किए जाएंगे।


