नौकरी के नाम पर आरक्षित वर्ग के युवाओं से ठगी:महेश्वर में सहकारिता विभाग में भर्ती का झांसा देकर लाखों ऐंठे; सांसद बोले- कठोर कार्रवाई करें

खरगोन जिले के ग्राम छोटी खरगोन निवासी एक युवक ने खुद को राजनीतिक रूप से रसूखदार बताकर आरक्षित वर्ग के बेरोजगार युवाओं को सहकारिता विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपए ठग लिए। मामले में नाम आने पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने मंडलेश्वर पहुंचकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि आरोपी ने उनके नाम का दुरुपयोग किया है। सांसद ने एसपी रविंद्र वर्मा और थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाए जाएं। राजनीतिक पकड़ का दावा कर बनाया भरोसा आरोपी अजय पिता हरिराम मंसारे ने युवाओं को यह कहकर अपने जाल में फंसाया कि उसकी बड़े नेताओं और अधिकारियों तक सीधी पहुंच है। उसने दावा किया कि कई विभागों में बिना विज्ञापन के ऑफलाइन भर्तियां होती हैं, जिन्हें वह अपनी पहचान के दम पर मैनेज कर सकता है। बेरोजगारी से परेशान युवाओं ने उस पर भरोसा किया और किसी ने कर्ज लेकर तो किसी ने अपनी जमा पूंजी से उसे पैसे दे दिए। अब तक ढाई लाख से ज्यादा की ठगी सामने आई पुलिस जांच में अब तक करीब 2 लाख 72 हजार रुपए की ठगी सामने आई है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने सांसद का नाम लेकर भ्रम फैलाया, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि नौकरी पक्की है। इन युवाओं से की ठगी पीड़ितों में अरुण धारवे (बड़वाह), जगन्नाथ और योगेश सांवले (करही), अंकित नामदेव और शाहरुख खान (करही), दीपक मिश्रा और ओम भालसे (कसरावद) शामिल हैं। सभी से अलग-अलग रकम लेकर नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। सांसद ने दिए जल्द गिरफ्तारी के निर्देश मामले में नाम सामने आने पर खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंडलेश्वर पहुंचकर कहा कि आरोपी ने उनके नाम का दुरुपयोग किया है। सांसद ने एसपी रविंद्र वर्मा और थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाए जाएं। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। पुलिस ने दर्ज की FIR, टीम गठित थाना प्रभारी दीपक यादव के मार्गदर्शन में सब इंस्पेक्टर प्रवीण निकुम ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। शुरुआती जांच में 5 से 6 पीड़ित सामने आए हैं, लेकिन संख्या बढ़ने की संभावना है। पीड़ितों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग पीड़ित युवाओं ने स्वीकार किया कि वे आरोपी के बहकावे में आ गए थे। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सफेदपोश ठगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि आगे कोई और युवा इस तरह ठगी का शिकार न बने। आरोपी बोला- किसी जनप्रतिनिधि के नाम पर पैसे नहीं लिए आरोपी अजय मंसारे ने फोन पर बताया कि उसने किसी से सांसद या किसी जनप्रतिनिधि के नाम पर पैसे नहीं लिए हैं और न ही नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की है। कुछ व्यक्तिगत लेनदेन हुआ है और वह जल्द सभी के पैसे लौटाने की कोशिश करेगा। पुलिस इस बयान की भी जांच कर रही है।

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