डिंडौरी में एक महिला बाबू को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बजाग विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक ग्रेड 2 के पद पर कार्यरत मधुबाला परस्ते को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मंगलवार को निलंबित किया। उन्हें करंजिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अटैच किया गया है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लिए 31 हजार शिकायतकर्ता भदिया कोठी निवासी सुनपुरी ने कलेक्टर की जनसुनवाई में शपथ पत्र देकर आरोप लगाया था। सुनपुरी के अनुसार, मधुबाला परस्ते ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने के लिए लगभग 31 हजार रुपये लिए थे। आवेदक ने अपनी शिकायत के समर्थन में डिजिटल लेनदेन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। शिकायत के बाद कलेक्टर ने किया निलंबित जब भदिया को नौकरी नहीं मिली और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो मधुबाला परस्ते ने पहले टालमटोल किया और बाद में पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सुनपुरी ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 1, 2 और 3 के उल्लंघन को मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया। महिला बाबू बोलीं-सभी आरोप निराधार इस संबंध में महिला बाबू मधुबाला परस्ते ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं और वह किसी को भी सरकारी नौकरी नहीं दिलवा सकतीं। परस्ते ने यह भी कहा कि वह अपना जवाब पेश करेंगी।


