अंबिकापुर में केंद्रीय विद्यालय के एक शिक्षक ने युवक को स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपए ठग लिए। उसे फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जब नियुक्ति पत्र लेकर रायपुर कार्यालय गया तो फर्जी नियुक्ति पत्र का खुलासा हुआ। गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को यूपी के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर में हनुमान मंदिर के सामने रहने वाले दिनेश यादव ने 7 अप्रैल 2024 को गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि, करीब 3 साल पहले उसकी पहचान पवन कुमार समीर से हुई थी, जो उस समय सेंट्रल स्कूल अंबिकापुर में टीचर था। पवन कुमार समीर ने दिनेश यादव के बेटी की नौकरी स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर लगाने का झांसा दिया। 10 लाख रुपए की मांग की। दिनेश यादव ने किश्तों में 10 लाख रुपए दे दिए। फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया पैसे लेने के बाद पवन कुमार समीर ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर रायपुर में ज्वाइन करने के लिए कहा। दिनेश यादव का बेटा जब रायपुर पहुंचा तो पता चला कि रायपुर से कोई ऐसा नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है। नियुक्ति पत्र फर्जी है। पवन कुमार समीर से नौकरी नहीं लगा पाने पर रुपए वापस मांगने पर उसने किश्तों में 6 लाख रुपए वापस किया, लेकिन 4 लाख रुपए वापस नहीं किया। टाल-मटोल करता रहा। इसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया था। यूपी से गिरफ्तार हुआ आरोपी पुलिस ने आरोपी पवन कुमार समीर के उत्तरप्रदेश में होने की सूचना पर टीम को भेजा। थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख ने बताया कि पुलिस ने पवन समीर (40) को केंद्रीय विद्यालय स्टाफ कॉलोनी अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को सीजीएम कोर्ट अलीगढ़ से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अंबिकापुर लाया गया। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देना स्वीकार किया गया। मामले में पुलिस ने धारा 420 के साथ धारा 467, 468, 471 जोड़ते हुए आरोपी को अंबिकापुर के कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।


