गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाला 9वीं क्लास का दृष्टिबाधित स्पर्श दोशी की आर्ट्स की प्रदर्शनी ‘कनक’ का उदयपुर में लगाई गई। यहां सिटी पैलेस म्यूजियम में लगी प्रदर्शनी में स्पर्श की तैयार की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई। उन्होंने चुंबकीय गेंदों के जरिए ये सब तैयार की। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन, उदयपुर के सहयोग से ऐतिहासिक सिटी पैलेस संग्रहालय में प्रतिभाशाली कलाकार स्पर्श दोशी की प्रदर्शनी में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी देखने पहुंचे। प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की हमारी जिम्मेदारी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने स्पर्श दोशी का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी कला की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की परंपरा सदियों से कला और कलाकारों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने की रही है। मेवाड़ की कला धरोहरें विश्व में अपना विशिष्ट और अद्वितीय स्थान रखती हैं और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का दायित्व हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों के माध्यम से स्पर्श दोशी ने दर्शकों को चकित कर दिया। दृष्टिबाधित कलाकार स्पर्श चुंबकीय गेंदों का उपयोग करते हुए रचनात्मकता और सूक्ष्म सटीकता के अद्भुत समन्वय से आकर्षक और जटिल कलाकृतियां सृजित करते हैं। उनकी कल्पनाशील दृष्टि और गणितीय गणनाओं की गहरी समझ इन छोटी-छोटी गोलिकाओं से ऐसे डिज़ाइन रचते हैं, जो तर्क, सममिति और सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करती हैं। वहां आए कलाप्रेमियों और टूरिस्ट ने कलाकृतियों को देखकर कहा उनका कार्य यह सिद्ध करता है कि कला केवल कल्पना का परिणाम नहीं, बल्कि बुद्धि, अनुशासन और असीम संभावनाओं की अभिव्यक्ति भी है।स्पर्श ने कहा कि इस प्रेरणादायी कला यात्रा के पीछे पापा हार्दिक दोशी एवं मां भूमि दोशी का निरंतर समर्पण, मार्गदर्शन और सहयोग रहा और उनके प्रोत्साहन से अपने कदम आगे बढ़ा रहा हूं


