नीमच में पेंशनरों ने आगामी बजट सत्र से पहले अपनी मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले पेंशनरों की रैली कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां उन्होंने तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत को ज्ञापन सौंपा। न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग ज्ञापन में पेंशनरों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आगामी बजट में न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रति माह की जाए। पेंशनरों का आरोप है कि वे वर्षों से कोश्यारी समिति की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ईपीएफओ फंड और जीवनयापन पर जताई चिंता पेंशनरों ने ईपीएफओ फंड की स्थिति पर भी रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि फंड स्थापना के समय से ही अधिशेष में है, जबकि श्रम मंत्रालय संसद में फंड की कमी का हवाला दे रहा है। उन्होंने बताया कि सेवाकाल में लाखों रुपए का योगदान देने के बावजूद, पेंशन राशि इतनी कम है कि बुजुर्ग दंपत्तियों के लिए जीवनयापन और दवाइयों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। अन्य मांगें भी रखी पेंशनरों ने न्यूनतम पेंशन के साथ महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने और बुजुर्ग दंपत्तियों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की। राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने कहा कि देशभर के 81 लाख पेंशनरों की नजरें इस बजट पर हैं। स आंदोलन की चेतावनी दी समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। NAC के अनुसार 20 से 23 जनवरी के बीच देशभर के जिला कार्यालयों पर प्रदर्शन और क्रमिक उपवास का आयोजन किया जाएगा, ताकि सरकार पर बजट से पहले दबाव बनाया जा सके।


