बुरहानपुर में अवैध कॉलोनियों के नाम पर प्लाट बेचकर लोगों से ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने लोगों से पैसे तो ले लिए, लेकिन न तो उन्हें प्लाट दिए और न ही उनकी जमा राशि वापस की। ठगी से परेशान लोगों ने मंगलवार को जनसुनवाई में और गुरुवार को कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पहले भी की जा चुकी हैं शिकायतें पीड़ितों का कहना है कि वे इस मामले में पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्होंने दोबारा प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मोमिनपुरा निवासी अब्दुल हक, आजाद वार्ड निवासी आमीन अंसारी, लोहार मंडी निवासी शहजाद मीर और उस्मान गनी ने बुधवारा निवासी मोहम्मद सादिक और आजाद नगर निवासी जकी हाशमी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सबूत मिटाने का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 2 फरवरी को आरोपी मौके पर पहुंचे और कॉलोनी की सीमाएं बताने वाले सीमेंट के पोल उखाड़ दिए। साथ ही अधजले पेड़ों के तने हटाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। शिकायत में बताया गया है कि यह जमीन चंद्रकला निवासी मुजम्मिल हुसैन के नाम पर दर्ज है, जिसमें अन्य लोग भी साझेदार हैं। आरोप है कि ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे, शारजा ग्राउंड के सामने खसरा नंबर 353 सहित अन्य जमीन पर ‘अहमदनगर’, ‘अहमदनगर-2’ और ‘सुपर नगर’ नाम से तीन अवैध कॉलोनियां काटी गईं। लक्की ड्रा के जरिए बेचे गए प्लाट इन कॉलोनियों में लक्की ड्रा के जरिए प्लाट बेचे गए। हर प्लाट धारक से 2500 रुपये प्रतिमाह लिए गए और जमा राशि का कार्ड बनाकर उस पर सील और हस्ताक्षर किए गए। पीड़ितों का कहना है कि जिन लोगों का नाम लक्की ड्रा में आया था, उन्हें 15 दिनों में प्लाट की रजिस्ट्री कर देने का वादा किया गया था। लेकिन पैसे लेने के बावजूद अब तक न प्लाट दिए गए हैं और न ही पैसे वापस किए गए हैं। इस मामले में कॉलोनाइजर मोहम्मद सादिक का कहना है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान कर दिया जाएगा। जांच के बाद होगी कार्रवाई बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए पटवारी को अधिकृत किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


