पंचायतराज चुनाव में EWS आरक्षण होगा मुख्य मुद्दा:पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम में उमड़ा जनसैलाब

आगामी पंचायतराज एवं स्थानीय निकाय चुनावों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को लोकतंत्र में समान अवसर दिलाने के उद्देश्य से EWS आरक्षण लागू करना पूर्वी राजस्थान के क्षत्रिय समाज का प्रमुख चुनावी मुद्दा रहेगा। चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों को इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखना होगा। यह बात सामाजिक एकता मंच के तत्वावधान में खेड़ली (अलवर) में आयोजित “पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम” को संबोधित करते हुए मंच के मुख्य ध्वजवाहक शक्ति सिंह बांदीकुई ने कही। महासमागम में पूर्वी राजस्थान के 10 जिलों की 39 विधानसभा क्षेत्रों से हजारों की संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग पहुंचे। समाजजनों ने एक स्वर में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने, शिक्षा-रोजगार में समान अवसर और EWS आरक्षण से जुड़ी मांगों को मजबूती से उठाया। समागम में प्रमुख मांगें
1. पूर्वी राजस्थान में राजपूत समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाए।
2. समाज में शिक्षा एवं रोजगार क्रांति की ठोस शुरुआत हो।
3. EWS आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए।
4. पंचायतराज व स्थानीय निकाय चुनावों में EWS आरक्षण लागू किया जाए।
5. केंद्र सरकार स्तर पर EWS आरक्षण को राजस्थान की तर्ज पर सरल बनाया जाए।
6. क्षत्रिय समाज 36 कौम को साथ लेकर चलने तथा हर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगा।
7. शिक्षा परिसरों में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं, कोई भी कानून छात्रों को जातिगत आधार पर विभाजित न करे।
8. क्षत्रिय इतिहास के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग. राजनीतिक दल अपना रूख स्पष्ट करे – बांदीकुई शक्ति सिंह बांदीकुई ने कहा कि “सभी राजनीतिक दलों ने पंचायतराज चुनाव से पहले EWS आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा , अन्यथा समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ने को स्वतंत्र होगा । यह लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक न्याय की है।” हजारों लोगों का पैदल मार्च, मांग पत्र सौंपा महासमागम के उपरांत बांदीकुई के नेतृत्व में हजारों लोगों ने खेड़ली उप-तहसील कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और उपखंड अधिकारी को समाज की मांगों का ज्ञापन सौंपा। मार्च के दौरान EWS आरक्षण और सामाजिक समानता के नारे गूंजते रहे। सबको साथ लेकर चलना ही लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत- मेघराज सिंह रॉयल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल, चेयरमैन यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन, ने कहा कि
“शिक्षा और रोजगार किसी भी समाज के भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं। लोकतंत्र में सभी जातियों का सम्मान करते हुए और उनका विश्वास जीतकर ही आगे बढ़ा जा सकता है। किसी भी संस्था को जातिवाद फैलाने का माध्यम नहीं बनना चाहिए।” उन्होंने बताया कि UGPF आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर है तथा पिछले एक वर्ष में संस्था द्वारा 5 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उच्च शिक्षा एवं खेल प्रतिभाओं पर खर्च की जा चुकी है। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कार्यक्रम में शामिल क्षत्रिय समाज के लोगों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे वातावरण उत्साह और सामाजिक एकता के रंग में रंग गया।

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