पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने की तैयारी:राज्य निर्वाचन आयोग से 25 फरवरी तक फाइनल वोटर लिस्ट तैयार करने का टाइम-टेबल जारी

राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के 14 हजार से ज्यादा पंचायतों में चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। मार्च में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव कराए जाने की संभावना है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों को वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्यक्रम और पोलिंग बूथ बनाने के लिए गाइडलाइन भेज दी है। कलेक्टरों को भेजी गई गाइडलाइन में राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए 15 अप्रैल से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने की समय सीमा तय की है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों को वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भेजकर पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम तुरंत शुरू करने के आदेश दिए हैं। 1 जनवरी 2026 को 18 साल साल के होने वाले भी करेंगे पंचायती राज चुनाव में वोट
राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2026 को 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को भी पंचायत चुनाव में वोटर बनाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने वोटर लिस्ट के अपग्रेडेशन के कार्यक्रम के दौरान दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान ऐसे वोटर को चिह्नित करके उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने को कहा है जिनकी उम्र 1 जनवरी को 18 साल हो गई है। पंचायत चुनाव के लिए होगी तीन तरह की वोटर लिस्ट तैयार
पंचायत चुनाव के लिए तीन स्तर पर वोटर लिस्ट तैयार होगी। इसमें ग्राम पंचायत की वार्ड-वार वोटर लिस्ट तैयार होगी। पंचायत समिति और जिला परिषदों की वार्डवार वोटर लिस्ट तैयार होगी। विधानसभावार तैयार वोटर लिस्ट को अपडेट करके काम लिया जाएगा
विधानसभा स्तर पर तैयार की गई वोटर लिस्ट के डाटा को ही राज्य निर्वाचन आयोग स्टेट लेवल एजेंसी के सॉफ्टवेयर से लेकर इन्हें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के हिसाब से अलग-अलग करके अपडेट करेगा। 2 जनवरी को होगा ट्रेनिंग प्रोग्राम
विधानसभा वार वोटर लिस्ट का डाटाबेस लेने और उन्हें पंचायत चुनाव के लिए तैयार करने को लेकर 2 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों की ट्रेनिंग रखी है। एक बूथ पर 1100 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के दौरान वार्डों के गठन के लिए चुनाव आयोग के आदेशों का पालन करने को कहा है। चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक एक बूथ पर 1100 से ज्यादा वोटर नहीं होने चाहिए। पंचायत के एक वार्ड में औसतन 300 से 400 वोटर होते हैं इसलिए एक बूथ पर एक से ज्यादा वार्ड के वोटर होंगे। वोटर लिस्ट का 24 जनवरी तक भौतिक सत्यापन किया जाएगा
वार्ड के आधार पर वोटर लिस्ट बनाकर उसका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए प्रगणक तैनात कर दिए गए हैं। इसमें यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वोटर लिस्ट वार्ड के परिसीमन के अनुसार हो । भौतिक सत्यापन का काम 24 जनवरी तक पूरा करना होगा। भौतिक सत्यापन के दौरान अगर यह पाया जाता है कि किसी का नाम संबंधित वार्ड की वोटर लिस्ट में नहीं है और दूसरे वार्ड में है तो ऐसी गलतियों को ठीक करने के लिए भी कहा है। भौतिक सत्यापन के दौरान वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए भी प्रेरित करने को कहा गया है। इस दौरान नए आवेदन लिए जाएंगे। ट्रांसजेंडर और सेक्स चेंज करवाने वालों को थर्ड जेंडर के रूप में लिखा जाएगा
राज्य निर्वाचन आयोग ने किन्नर (ट्रांसजेंडर) और सेक्स चेंज करवाने वाले वोटर अपने आप को स्त्री, पुरुष के रूप में प्रकट नहीं करना चाहे तो वे अपना लिंग थर्ड जेंडर के रूप में लिखवा सकते हैं । ऐसे वोटर अगर चाहे तो थर्ड जेंडर लिखा जा सकता है। 14 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ होंगे
प्रदेश में 14 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ होंगे। प्रदेश में सभी पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि सभी पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव एक साथ नहीं होंगे, जिन पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल पूरा नहीं होगा उनके चुनाव बाद में होंगे।

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